माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर जसोलधाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

8 Min Read

भक्ति, सेवा, सुरक्षा एवं स्थायी सुविधाओं के सशक्त प्रबंधन का अनुकरणीय उदाहरण

जसोल बालोतरा। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पावन एवं विशेष तिथि त्रयोदशी के अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में श्रद्धालुओं की अत्यधिक एवं अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिली। प्रातः वेला से ही दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु सुव्यवस्थित कतारों में श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन हेतु लगने लगे तथा यह क्रम पूरे दिवस श्रद्धा, संयम एवं अनुशासन के साथ निरंतर चलता रहा।

मां जसोल के असंख्य भक्तों की संपूर्ण मनोकामना पूर्ति हेतु संकल्प के साथ संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल द्वारा हवन में विशेष आहुतियां अर्पित की गईं। इस अवसर पर मां जसोल से सुख-समृद्धि, शांति, सामाजिक समरसता एवं समस्त श्रद्धालु परिवारों के कल्याण की मंगल कामना की गई। हवन कार्यक्रम श्रद्धा एवं वैदिक मंत्रोच्चार के वातावरण में संपन्न हुआ।

हवन पूजन

इस पावन तिथि पर श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा के पावन दरबार में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक मंगल, संतान सुख एवं सामाजिक कल्याण की मंगलकामनाएं कीं। साथ ही श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर दर्शन लाभ प्राप्त किया। वृद्धजन, महिलाएं, बच्चे, युवा वर्ग तथा नवविवाहित जोड़ों ने विशेष भाव-भक्ति के साथ मां जसोल के चरणों में नतमस्तक होकर दर्शन किए।

..

विशेष तिथि त्रयोदशी के अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा एवं अनुशासन के वातावरण से ओत-प्रोत रहा। श्रद्धालुओं द्वारा कतारबद्ध दर्शन, स्वयंसेवकों के निर्देशों का पालन तथा स्वच्छता एवं व्यवस्था बनाए रखने में पूर्ण सहयोग प्रदान किया गया, जिससे यह विशेष धार्मिक दिवस अत्यंत सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो सका।

श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संस्थान प्रशासन द्वारा व्यापक एवं बहु-स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। मंदिर परिसर में सुव्यवस्थित दर्शन पंक्ति संचालन, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, छायादार विश्राम स्थल, बैठने की समुचित सुविधा, नियमित साफ-सफाई, सूचना व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम से अनाउंसमेंट, मार्गदर्शन केंद्र तथा वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं हेतु विशेष सहयोग व्यवस्था की गई। प्रवेश एवं निकास द्वारों पर नियंत्रित प्रबंधन के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी ढंग से संचालित किया गया।

कन्या भोजन प्रसादी वितरण

माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन अवसर पर संध्याकालीन महाआरती का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिससे जसोलधाम से दूर निवास कर रहे मां जसोल के असंख्य भक्तगण अपने घरों पर रहकर श्री राणी भटियाणीसा के दिव्य दर्शन एवं आरती का पुण्य लाभ प्राप्त कर सके। लाइव प्रसारण के दौरान मंदिर परिसर जयकारों, शंखनाद एवं भक्ति-संगीत से गुंजायमान हो उठा तथा वातावरण भावनात्मक एवं आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण रहा।

माता रानी प्रसादी भोंग

सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की दृष्टि से जिला पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार के निर्देशन में जसोल पुलिस थानाधिकारी शारदा विश्नोई एवं बालोतरा थानाधिकारी हिंगलाज तथा उनकी टीम द्वारा विशेष एवं सराहनीय सहयोग प्रदान किया गया। श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को ध्यान में रखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, पार्किंग प्रबंधन, प्रवेश-निकास मार्गों की सतत निगरानी एवं मंदिर परिसर तथा आसपास के संवेदनशील स्थलों पर निरंतर पुलिस गश्त सुनिश्चित की गई, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन की सुविधा प्राप्त हो सकी।

भक्तों का शैला

इसी अवसर पर हड़वा (बाड़मेर) से आए मांगणियार कलाकारों, पुष्कर से आए नगाराची कलाकारों तथा स्थानीय दमामी कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। लोक परंपरा, भक्ति संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से संपूर्ण परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

इसी पावन अवसर पर भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम) सेवा का पुण्य लाभ ग्राम मलवा (गिड़ा) निवासी श्रद्धालु अशोकसिंह, सुपुत्र बलवंतसिंह गोहिल द्वारा प्राप्त किया गया तथा छप्पन भोग सेवा का लाभ ग्राम कोडूका (पाटौदी) निवासी श्रद्धालु लक्ष्मण दान, सुपुत्र मंगल दान चारण द्वारा लिया गया। दोनों लाभार्थी परिवारों द्वारा मां जसोल के पावन दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में श्रद्धापूर्वक भोग अर्पण किया गया।

इसी अवसर पर लाभार्थी परिवारों द्वारा परंपरानुसार कन्या पूजन का आयोजन भी किया गया, जिसमें कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें श्रद्धा एवं सम्मानपूर्वक भोजन प्रसाद कराया गया तथा उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर धार्मिक भावनाओं के साथ सामाजिक संस्कारों का सुंदर संदेश भी प्रसारित हुआ।

भक्तों ने लि भोजन प्रसादी

भोग अर्पण के उपरांत जसोलधाम दर्शन हेतु पधारे श्रद्धालुओं के मध्य श्रद्धा, सेवा एवं धर्मभाव के साथ अन्नपूर्णा प्रसाद एवं छप्पन भोग का सुव्यवस्थित वितरण किया गया, जिससे सभी श्रद्धालुओं को सरलता एवं सम्मानपूर्वक प्रसाद प्राप्त हुआ।

श्रद्धालुओं की सुविधा तथा भविष्य में बढ़ती श्रद्धालु संख्या को दृष्टिगत रखते हुए संस्थान द्वारा विकसित की गई रिवर फ्रंट पार्किंग व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को निरंतर अनेक लाभ प्राप्त हो रहे हैं। इस सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू बनी हुई है तथा श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक रूप से अपने वाहन पार्क करने की सुविधा मिल रही है।

माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के अवसर पर इसी रिवर फ्रंट पार्किंग परिसर में संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा हेतु निःशुल्क भोजनशाला का संचालन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।

रिवर फ्रंट पार्किंग की इस स्थायी व्यवस्था से श्रद्धालुओं को अनेक लाभ प्राप्त हो रहे हैं। सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित वाहन पार्किंग उपलब्ध होने से सड़क किनारे अव्यवस्थित वाहनों की समस्या में कमी आई है, मंदिर मार्गों पर भीड़ एवं यातायात दबाव घटा है, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं परिवार सहित आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है तथा आपातकालीन सेवाओं एवं सुरक्षा दलों के संचालन में भी सुविधा प्राप्त हो रही है।

माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के इस विशेष धार्मिक अवसर पर मंदिर परिसर एवं संपूर्ण क्षेत्र में सामाजिक समरसता, सेवा भावना, अनुशासन एवं आपसी सहयोग का अत्यंत प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। स्वयंसेवकों, मंदिर कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने समन्वय के साथ सेवाएं प्रदान कर आयोजन को सफल बनाया।

श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल की ओर से माघ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन अवसर पर आयोजित इस सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित दर्शन, पूजन एवं सेवा आयोजन हेतु समस्त श्रद्धालुओं, लाभार्थी परिवारों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, मंदिर कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों एवं पुलिस प्रशासन के प्रति संस्थान समिति सदस्य एवं प्रवक्ता कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल द्वारा हार्दिक आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया गया।

Share This Article
Exit mobile version