जैसलमेर शहर में सोमवार देर रात एक रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी का शव नाले में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) से सेवानिवृत्त अधिकारी संपत लाल भार्गव (60) के रूप में हुई है, जो महज छह महीने पहले ही सेवा निवृत्त हुए थे। घटना शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र की रेलवे कॉलोनी के पास की है, जहां गहरे नाले में उनका शव पड़ा मिला।
ऑटो चालक ने देखा नाले में गिरे व्यक्ति को
सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे रेलवे कॉलोनी के पास बने नाले के पास स्थित ऑटो स्टैंड पर खड़े एक ऑटो रिक्शा चालक की नजर नाले में गिरे व्यक्ति पर पड़ी। पहले तो वह घबरा गया, लेकिन पास जाकर देखने पर उसे व्यक्ति के बेसुध पड़े होने का आभास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
अंधेरे और गहराई ने बढ़ाई मुश्किल
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। नाला काफी गहरा होने और आसपास पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण शव को बाहर निकालने में पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर मौजूद अन्य ऑटो चालकों की मदद से करीब आधे घंटे की कोशिश के बाद शव को बाहर निकाला जा सका।
शव को तुरंत शहर के जवाहिर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जेब में मिले आधार कार्ड से हुई पहचान
पुलिस ने मृतक की तलाशी ली तो उनकी जेब से आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसके आधार पर उनकी पहचान सूली डूंगर निवासी संपत लाल भार्गव के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।
शाम को घर से बीकानेर जाने की बात कहकर निकले थे
परिजनों ने पुलिस को बताया कि संपत लाल भार्गव सोमवार शाम करीब 6 बजे घर से यह कहकर निकले थे कि उन्हें किसी काम से बीकानेर जाना है। इसके बाद देर रात तक उनके वापस नहीं लौटने पर परिवार को चिंता हुई, लेकिन किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी।
IGNP में प्रशासनिक अधिकारी रहे थे संपत लाल
एएसआई श्रवण विश्नोई ने बताया कि संपत लाल भार्गव इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे और करीब छह महीने पहले ही रिटायर हुए थे। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ भी चल रहे थे और उनका इलाज जारी था।
नाले तक कैसे पहुंचे, यह अब भी रहस्य
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि संपत लाल घर से निकलने के बाद रेलवे कॉलोनी के नाले तक कैसे पहुंचे। क्या वे रास्ता भटक गए थे, या किसी कारणवश वहां पहुंचे इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
बीमारी, मानसिक तनाव या हादसा हर एंगल से जांच
पुलिस प्रारंभिक जांच में इस बात को भी ध्यान में रख रही है कि मृतक लंबे समय से बीमार थे। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं बीमारी की वजह से वे मानसिक तनाव में तो नहीं थे। इसके अलावा यह संभावना भी जांच के दायरे में है कि अंधेरे के कारण उनका पैर फिसल गया हो और वे नाले में गिर गए हों।
फिलहाल किसी तरह की मारपीट या आपराधिक घटना के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
मंगलवार सुबह कोतवाली पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। एएसआई श्रवण विश्नोई ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया,
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
घटना के बाद रेलवे कॉलोनी और सूली डूंगर क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग नाले के पास पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
