बायतु में चार दिन से बिजली गुल, 200 से अधिक परिवार अंधेरे में, विभागीय लापरवाही पर ग्रामीणों में रोष

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बायतु में चार दिन से बिजली गुल, 200 से अधिक परिवार अंधेरे में

बायतु उपखंड के ग्राम बोड़वा में बीते चार दिनों से बिजली सप्लाई ठप पड़ी हुई है, जिससे करीब 200 से अधिक घर अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने बार-बार बिजली विभाग और FRT टीम को सूचना दी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। लगातार हो रही बारिश और उमस भरे मौसम में अंधेरे के साथ-साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे हालात और बिगड़ रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि चवा जीएसएस से आने वाली 11 केवी लाइन का एक फेस का केबल टूटकर पिछले चार दिनों से जमीन पर पड़ा है। विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद मौके पर न तो FRT टीम पहुंची और न ही कोई मरम्मत कार्य शुरू किया गया। इससे ग्रामीणों में गहरी नाराज़गी है।

जानकारी के अनुसार चवा जीएसएस से निकलने वाली यह 11 केवी लाइन लगभग 200 किलोमीटर दूर तक कई गाँवों में बिजली सप्लाई करती है। इस लंबे रूट पर कई स्थानों पर पोल पहले से ही क्षतिग्रस्त हैं और बारिश के दिनों में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद विभाग की ओर से सुरक्षा और मरम्मत के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

अंधेरे में डूबा गाँव, बारिश और मच्छरों से परेशान लोग

गाँव में बिजली गुल होने के कारण रातें अंधेरे में कट रही हैं। छोटे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बारिश के दिनों में पानी भराव के साथ मच्छरों की बढ़ती संख्या से लोगों का जीना दूभर हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी और उमस में पंखे तक न चल पाने से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

विभागीय उदासीनता पर सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सिर्फ शिकायत दर्ज कराते हैं लेकिन मौके पर पहुंचने की जहमत तक नहीं उठाते। यदि चार दिन तक बिजली बहाल नहीं की जाती है तो ग्रामीण आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं।

हादसे की आशंका

टूटा हुआ केबल जमीन पर पड़ा होने से किसी भी समय जानलेवा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे और मवेशी अक्सर खेत-खलिहानों और रास्तों पर आते-जाते हैं। ऐसे में अगर कोई इस केबल के संपर्क में आ गया तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

गाँववासियों ने विभाग से तुरंत कार्रवाई कर लाइन की मरम्मत करवाने और क्षतिग्रस्त पोल बदलने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बरसात के इस मौसम में और देर करना लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करना होगा।

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