लोक विरासत–22वें होली फाग महोत्सव का रंगारंग समापन समारोह, गेर नृत्यों ने बांधा समां

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लोक कलाओं के संरक्षण में डेजर्ट संस्था का योगदान अतुल्य : मंत्री के.के. विश्नोई

बालोतरा। माली समाज बालोतरा की प्रेरणा से डेजर्ट ट्रेडिशनल आर्ट एण्ड यूथ सेंटर, माली (सैनी) संस्थान तथा शक्ति ग्रुप वापी के संयुक्त तत्वावधान में गांधीपुरा हनुवंत कॉलोनी स्थित गेर मैदान में 5 से 11 मार्च तक आयोजित लोक विरासत–22वें होली फाग महोत्सव 2026 का रंगारंग समापन बुधवार रात हजारों कला प्रेमियों की मौजूदगी में हुआ। सात दिवसीय महोत्सव आनंद, उमंग और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत नरेश माली द्वारा गणेश वंदना से हुई। इसके बाद डेजर्ट ट्रेडिशनल संस्थान की विश्वविख्यात आंगी-बांगी गेर, छतरी गेर और तलवार गेर नृत्य की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। माली समाज महिलावास की डांडिया गेर, जसनाथ कालबेलिया पार्टी का चरी नृत्य, घूमर और कालबेलिया नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहे। लक्ष्य एकेडमी के विकास परिहार के निर्देशन में बच्चों की गेर तथा माली समाज युवा मंडल कनाना का आंगी नृत्य भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरता रहा। विभिन्न कला साधकों ने लोक संस्कृति की विविध विधाओं की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

बाल गेर नृत्य

समापन समारोह के मुख्य अतिथि उद्योग, खेल एवं युवा मामले मंत्री के.के. विश्नोई ने कहा कि राजस्थान की रंग-बिरंगी वेशभूषा, लोक कला और संस्कृति के कारण ही प्रदेश की लोक विरासत विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के कारण ही हमारी पारंपरिक लोक कला और संस्कृति जीवित है तथा डेजर्ट संस्था का इस दिशा में योगदान अतुलनीय है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पचपदरा विधायक डॉ. अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि पिछले दो दशकों से अधिक समय से संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों के कारण ही लोक कला और संस्कृति की विरासत आज भी जीवित है।

अति विशिष्ट अतिथि जिला कलेक्टर सुशील कुमार ने कहा कि पहली बार इस अनूठी पारंपरिक लोक संस्कृति को प्रत्यक्ष देखकर उन्हें अत्यंत आनंद मिला और इस विरासत को जीवित रखने के संस्थान के प्रयास सराहनीय हैं।

चतरी नृत्य

समारोह के विशिष्ट अतिथियों में पूर्व विधायक मदन प्रजापत, शक्ति ग्रुप वापी के निदेशक सांवलराम कच्छवाह तथा भाजपा जिलाध्यक्ष भरत मोदी मौजूद रहे। इस दौरान रूपचंद सालेचा, सुरेश चितारा, अमराराम सुन्देशा, चंपालाल सुन्देशा, योगेश गहलोत, भेराराम कच्छवाह, मोहनलाल गहलोत, धनराज टाक, सांवलराम चौहान, गोविंद कच्छवाह, सुरेश कच्छवाह, कन्हैयालाल गहलोत, राधेश्याम पंवार और महेश पंवार सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

महोत्सव में ख्यातिप्राप्त भजन गायक प्रकाश माली, जबराराम पंवार, मोटाराम सुन्देशा, राजेश माली और रामू माली ने फाग गीतों की ऐसी प्रस्तुति दी कि मंचासीन अतिथि और दर्शक भी थिरकने को मजबूर हो गए। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों, भामाशाहों, प्रायोजकों और गेर दलों के प्रतिभागियों का साफा पहनाकर, माल्यार्पण व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन नरपत कच्छवाह ने किया।

कालबेलिया नृत्य

डेजर्ट ट्रेडिशनल आर्ट एण्ड यूथ सेंटर के अध्यक्ष डूंगर माली सहित नरपत कच्छवाह, चेतन कच्छवाह, प्रेम टाक, भीमाराम चौहान, रामस्वरूप चौहान, गोविंद चौहान, मदन सुंदेशा, जीवाराम पंवार, अशोक कच्छवाह, महेंद्र सुंदेशा, मंगलाराम चौहान, सुरेश चौहान, जनक गहलोत, मीठालाल कच्छवाह, ओमप्रकाश चौहान, सीताराम गहलोत, गौतम गहलोत, विकास परिहार, गौतम सोलंकी, गणपत कच्छवाह, महेंद्र कच्छवाह, सीताराम चौहान, पुखराज चौहान, मोटाराम टाक, मीठालाल पंवार, जितेंद्र टाक, पवन चौहान, धूडाराम टाक, श्रवण, महेंद्र, प्रह्लाद कच्छवाह और पृथ्वीराज सहित अनेक युवाओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य अतिथि

भामाशाहों का रहा सहयोग 

महोत्सव में माली समाज सहित कई भामाशाह आगे आए। इनमें मालाराम देवाराम गहलोत, कृष्णा अकाउंटेंसी, बालोतरा वाटर पॉल्यूशन कंट्रोल ट्रीटमेंट एंड रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट, प्रभा किशोर सिंघवी, प्रकाश माली ग्रुप एंड संस, योगेश गहलोत नगर मंडल अध्यक्ष, लक्ष्य ट्रेडर्स मदर डेयरी, रमेश-भेराराम प्रजापत महा सुभद्रा हार्डवेयर सैनेट्री, कृष्णा सेल्स एजेंसी तथा दिलीप अचलचंद गहलोत शामिल रहे।

सैकड़ों की संख्या में लोग रहें मोजूद

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