लोक विरासत होली फाग महोत्सव का आज होगा भव्य समापन, लोक नृत्य और गीतों से सजेगी सांस्कृतिक संध्या

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बालोतरा। राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित 22वें लोक विरासत होली फाग महोत्सव का भव्य समापन आज 11 मार्च 2026 को रात्रि 8 बजे किया जाएगा। सात दिनों तक चले इस रंगारंग सांस्कृतिक महोत्सव में लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली, जिसमें कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। समापन समारोह भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बेहद आकर्षक और भव्य होने जा रहा है।

यह महोत्सव माली समाज की प्रेरणा से डेजर्ट ट्रेडिशनल आर्ट एंड यूथ सेंटर तथा माली (सैनी) संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शक्ति ग्रुप, वापी का विशेष सहयोग और प्रायोजन रहा है। आयोजन समिति के पदाधिकारियों के अनुसार इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को राजस्थान की पारंपरिक लोक संस्कृति से जोड़ना और उसे संरक्षित रखना है।

लोक संस्कृति की पहचान लुर

संस्थान के सचिव नरपत कच्छवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि समापन समारोह में राजस्थान की प्रसिद्ध लोक नृत्य शैलियों की भव्य प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। इनमें विशेष रूप से आंगी बांगी गेर, डांडिया गेर, वैगी गेर, आंगी गेर, चरी नृत्य और कालबेलिया नृत्य शामिल हैं। इन पारंपरिक नृत्यों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति की विविधता और रंगीन परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोक कलाकार पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में मंच पर प्रस्तुति देंगे। घुंघरुओं की झंकार, ढोल और नगाड़ों की थाप के साथ जब कलाकार नृत्य करेंगे तो पूरा माहौल उत्सवमय हो उठेगा। दर्शकों को ऐसा महसूस होगा मानो राजस्थान की लोक संस्कृति का सजीव दृश्य उनके सामने साकार हो गया हो।

समापन समारोह में लोकगीतों की शानदार प्रस्तुतियां भी होंगी। कलाकार अपने गीतों के माध्यम से होली के उत्साह, लोक जीवन की भावनाओं और राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराओं को अभिव्यक्त करेंगे। इन प्रस्तुतियों में होली के पारंपरिक फाग गीतों की गूंज सुनाई देगी, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगी।

कलाकार दे रहे अनेकों संस्कृति प्रस्तुतियां

संस्थान के अध्यक्ष डूंगर माली ने बताया कि समापन समारोह में कई गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के मंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधायक डॉ. अरुण चौधरी करेंगे। वहीं जिला कलेक्टर सुशील कुमार अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पूर्व विधायक मदन प्रजापत, शक्ति ग्रुप वापी के निदेशक सांवलराम कच्छवाह तथा श्री लिखमीदासजी शिक्षण संस्थान माली समाज 84 खेड़ा के अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।

आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव के सफल आयोजन के लिए पिछले कई दिनों से कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं। मंच व्यवस्था, कलाकारों के स्वागत, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन सहित हर व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए टीम लगातार मेहनत कर रही है।

इस आयोजन को सफल बनाने में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रमुख रूप से जीवाराम पंवार, भीमाराम चौहान, गोविंद चौहान, चेतन कच्छवाह, मदन सुंदेशा, अशोक कच्छवाह, प्रेम टांक, मंगलाराम चौहान, रामस्वरूप चौहान, जबराराम पंवार, धुड़ाराम टांक, मीठालाल कच्छवाह, सुरेश चौहान, गणपत कच्छवाह, महेन्द्र कच्छवाह, मोटाराम सुंदेशा, सीताराम गहलोत, जनक गहलोत, मीठालाल पंवार, जितेन्द्र टांक, सीताराम चौहान, पुखराज पंवार, महेन्द्र चौहान, ओमप्रकाश पंवार, गौतम सोलंकी, पृथ्वीराज, मोटाराम टांक, महेंद्र चौहान और प्रह्लाद कच्छवाह सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय योगदान दिया है।

आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि राजस्थान की लोक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव लोगों को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बन रहा है।

समापन समारोह को लेकर शहर और आसपास के क्षेत्रों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में लोग इस सांस्कृतिक संध्या में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं, जहां लोकगीत, लोकनृत्य और रंग-बिरंगी परंपराओं के बीच होली का उल्लास अपने चरम पर नजर आएगा।

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