भव्य देव दर्शन यात्रा — भक्ति, आस्था, सेवा एवं अपनत्व का दिव्य संगम

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चैत्र नवरात्रा के पावन अवसर पर संतों के पावन सानिध्य में सम्पन्न दो दिवसीय देव दर्शन यात्रा 

बालोतरा। जसोल/ चैत्र नवरात्रा के पावन पर्व के षष्ठम दिवस, दिनांक 24 मार्च  से प्रारंभ हुई दो दिवसीय पावन देव दर्शन यात्रा का विधिवत एवं अत्यंत गरिमामय समापन दिनांक 25 मार्च  को सम्पन्न हुआ। यह संपूर्ण यात्रा पूज्य महंत  नारायणगिरी महाराज (श्री दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद) एवं पूज्य महंत  गणेशपुरी महाराज (श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल) के पावन सानिध्य में श्रद्धा, अनुशासन एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुई।

यात्रा का शुभारम्भ जसोलधाम की पुण्यभूमि पर सनातन परंपरा के अनुरूप सर्व समाज की कन्याओं के विधिवत पूजन से हुआ। कन्याओं को श्रद्धाभावपूर्वक फल, अन्न-प्रसाद एवं दक्षिणा अर्पित कर नारी सम्मान, सेवा एवं संस्कार का प्रेरणादायक संदेश दिया गया। इस पावन अनुष्ठान के उपरांत मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा के श्रीचरणों में विनम्र नमन कर देव दर्शन यात्रा का शुभारम्भ किया गया।

माता राणी भटीयाणी के किए दर्शन

यात्रा का शुभारम्भ जसोलधाम की पुण्यभूमि पर सर्व समाज की कन्याओं के विधिवत पूजन से हुआ। कन्याओं को श्रद्धापूर्वक प्रसाद एवं दक्षिणा अर्पित कर नारी सम्मान का संदेश दिया गया। तत्पश्चात मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा के श्रीचरणों में नमन कर देव दर्शन यात्रा प्रारंभ हुई।

प्रथम दिवस (24 मार्च 2026) के अंतर्गत यात्रा का प्रारंभ मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा जन्मस्थली, जोगीदास धाम से हुआ, जहां भक्तिभाव के साथ दर्शन लाभ प्राप्त किए। इस पावन स्थल पर स्थानीय श्रद्धालुओं एवं प्रबुद्धजनों द्वारा आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।

इसके पश्चात यात्रा श्री आवड़ माता जन्मस्थली (ग्राम चेलक) पहुंची, जहां मातेश्वरी के श्रीचरणों में नतमस्तक होकर समस्त जनमानस के सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामना की गई।

आगे यात्रा श्री तेमडेराय मंदिर पहुंची, जहां शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में विधिवत पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। इसके उपरांत प्रणवीर गौभक्त श्री पाबूजी राठौड़ मंदिर (करियाप) में लोकदेवता के श्रीचरणों में नमन किया गया। 

बाबा रामदेव जी के किए दर्शन

यात्रा के क्रम में श्री मातेश्वरी घंटियाली माता मंदिर में दर्शन कर मातेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त किया। ग्रामवासियों द्वारा स्नेहपूर्ण स्वागत इस यात्रा की गरिमा को और अधिक बढ़ाने वाला रहा।

तत्पश्चात भारत-पाक सीमा क्षेत्र में स्थित आस्था एवं चमत्कारों के प्रतीक श्री मातेश्वरी तनोट राय मंदिर में दर्शन लाभ प्राप्त किया गया। यहां राष्ट्र की अखंडता, सुरक्षा एवं समृद्धि हेतु विशेष प्रार्थना की गई। सीमांत क्षेत्र में स्थित इस दिव्य धाम का आध्यात्मिक एवं राष्ट्रभाव से ओतप्रोत वातावरण अंतर्मन को भावविभोर करने वाला रहा।

मातेश्वरी श्री तनोट राय मंदिर दर्शन उपरांत चेलक निवासी भीम सिंह भाटी के स्नेहिल निमंत्रण पर उनके फार्म हाउस (चक 1SD) में पारंपरिक राजस्थानी आतिथ्य के साथ आत्मीय मिलन का अवसर प्राप्त हुआ, जो इस यात्रा का विशेष एवं स्मरणीय आयाम रहा।

इसी क्रम में जैसलमेर आगमन पर हमीरा निवासी भवानी सिंह द्वारा संचालित जिज्ञासा पैलेस में जैसलमेर की युवा शक्ति द्वारा अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर युवा साथियों द्वारा भगवान श्री लक्ष्मीनाथ जी की पावन तस्वीर भेंट कर श्रद्धाभाव प्रकट किया गया, जो इस आयोजन की आध्यात्मिक भावना का सुंदर प्रतीक रहा।

यात्रा के दौरान नाचना हवेली, जैसलमेर में जाने का सुअवसर प्राप्त हुआ, जहां महाराज विक्रम सिंह, उनकी पूज्य राजमाता साहिबा एवं राणीसा द्वारा राजसी परंपरा के अनुरूप अत्यंत आदर, सम्मान एवं गरिमामय स्वागत एवं सत्कार किया गया। उनका स्नेह, विनम्रता एवं आतिथ्य भाव अत्यंत हृदयस्पर्शी रहा।

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यात्रा के दौरान जैसलमेर स्थित शहीद जयसिंह सर्किल, रामगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर स्थानीय प्रबुद्धजनों, समाजबंधुओं एवं युवा साथियों द्वारा भव्य, स्नेहपूर्ण एवं गरिमामय स्वागत किया गया। 

 द्वितीय दिवस (25 मार्च 2026) को यात्रा का क्रम आगे बढ़ाते हुए जैसलमेर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक भगवान श्री लक्ष्मीनाथ जी मंदिर में श्रद्धापूर्वक दर्शन एवं पूजन किया गया। इसके पश्चात मातेश्वरी श्री भादरिया राय मंदिर (भादरिया) में दर्शन कर दिव्य शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया गया।

आगे लोक आस्था के महान केंद्र श्री बाबा रामदेव जी मंदिर (रामदेवरा) में बाबा के श्रीचरणों में नमन कर समस्त जनमानस के सुख, शांति एवं निरोगी जीवन की कामना की। इसके उपरांत कुलदेवी श्री नागणेच्या माता मंदिर (नागाणा) में श्रद्धापूर्वक दर्शन कर अखंड कल्याण एवं समृद्धि की मंगलकामनाएं की गईं।

दो दिवसीय इस पावन देव दर्शन यात्रा का समापन पुनः जसोलधाम में मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा के श्रीचरणों में नमन एवं दर्शन लाभ के साथ सम्पन्न हुआ। जहां से यात्रा का शुभारम्भ हुआ, वहीं आकर इसका समापन होना इस संपूर्ण यात्रा को पूर्णता एवं आध्यात्मिक गरिमा प्रदान करने वाला रहा।

पूज्य महंत नारायण गिरी महाराज का आशीर्वचन “चैत्र नवरात्रा का यह पावन पर्व साधना, शक्ति उपासना एवं आत्मशुद्धि का विशेष समय है। इस पावन अवसर पर आयोजित यह देव दर्शन यात्रा श्रद्धा, भक्ति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। विभिन्न शक्तिपीठों एवं देवस्थलों के दर्शन से श्रद्धालुओं के अंतर्मन में आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। संतों का सानिध्य व्यक्ति को संयम, सेवा एवं संस्कारों की ओर प्रेरित करता है। समाज में धर्म के प्रति जागरूकता, एकता एवं सद्भाव का विस्तार ऐसे आयोजनों के माध्यम से होता है। समस्त आराध्य देवी-देवताओं की कृपा सभी पर सदैव बनी रहे, यही मंगलकामना है।”

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पूज्य महंत  गणेशपुरी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “यह दो दिवसीय देव दर्शन यात्रा भक्ति, अनुशासन एवं सेवा भाव का अनुपम संगम रही। प्रत्येक पड़ाव पर श्रद्धालुओं का उत्साह, अनुशासन एवं आस्था अत्यंत प्रेरणादायक रही। सनातन परंपरा में इस प्रकार की यात्राएं व्यक्ति को ईश्वर के निकट ले जाती हैं तथा समाज में सद्भाव एवं संस्कारों का प्रसार करती हैं। सेवा, समर्पण एवं सहयोग की भावना इस यात्रा में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई, जो समाज के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। यह यात्रा सभी के जीवन में शांति, प्रेरणा एवं आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बने, यही प्रार्थना है।”

कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने इस अवसर पर कहा कि “चैत्र नवरात्रा के पावन अवसर पर संतों के सानिध्य में सम्पन्न यह देव दर्शन यात्रा अत्यंत सौभाग्यपूर्ण एवं प्रेरणादायक रही। पश्चिमी राजस्थान के इन प्राचीन पवित्र स्थलों पर दर्शन एवं पूजन के माध्यम से आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ, जिसने जीवन को नई दिशा प्रदान करने का कार्य किया। इस यात्रा के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा जो स्नेह, सम्मान एवं सहयोग प्राप्त हुआ, वह अत्यंत अभिभूत करने वाला है। ऐसे आयोजन समाज में एकता, संस्कार एवं सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं तथा संतों का मार्गदर्शन जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। सभी श्रद्धालुओं, समाजबंधुओं एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मां भगवती से प्रार्थना है कि सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल का वास बना रहे।”

जगह जगह हुआ भव्य स्वागत

इस पावन देव दर्शन यात्रा के दौरान विभिन्न पड़ावों पर शहीद जयसिंह सर्किल (जैसलमेर), जोगीदास ग्राम, नाचना हवेली एवं जिज्ञासा पैलेस में आयोजित स्वागत एवं सत्कार कार्यक्रमों के दौरान अनेक गणमान्यजन, प्रबुद्धजन एवं समाजबंधु उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से ठाकुर दलपत सिंह, ठाकुर नखत सिंह, गिरधर सिंह, जय सिंह, मोती सिंह (जोगीदास गांव), छोटू सिंह (तेजमालता), भोम सिंह (झिंझिनियाली), दीपाराम, हिन्दू सिंह, भगवान सिंह, लाल सिंह, हाथी राम, भंवर सिंह (साधना) एवं खेमेंद्र सिंह (जाम), नरेंद्र सिंह करड़ा, भवानी सिंह (हमीरा), घेवर सिंह (बडोड़ा गांव), दिलीप सिंह (खेलाणा), कुन्दन सिंह (झिझनियाली), रावल सिंह (बडोड़ा गांव), शोभ सिंह (चोचरा), स्वरूप सिंह (डांवरा), श्रवण सिंह (बईया), नारायण सिंह (बडोड़ा गांव), दौलत सिंह (बडोड़ा गांव), कुन्दन सिंह (राजगढ़), बाबू सिंह (सोढा खिरजा), नरेन्द्र सिंह (जामड़ा), महेन्द्र सिंह (नगा), दौलत सिंह, श्रवण सिंह (बडोड़ा गांव), जोरावर सिंह (बडोड़ा गांव), महावीर सिंह (बडोड़ा गांव), भवानी सिंह (बईया), हितेंद्र सिंह (हमीरा), महेन्द्र सिंह (बडोड़ा गांव), राजेन्द्र सिंह (चम्पावत), नरेन्द्र सिंह (करड़ा), शम्भू सिंह (छतागढ़), नरेंद्र सिंह (पूनमनगर) एवं अमृत सिंह (मूलाना) सहित अनेक सम्माननीय जनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस दौरान मातेश्वरी श्री राणीसा भटियाणीसा एवं कुलदेवी श्री नागणेच्या माता सहित समस्त देवी – देवताओं से विनम्र प्रार्थना की गई कि उनकी असीम कृपा समस्त श्रद्धालुओं पर सदैव बनी रहे तथा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल का सतत संचार होता रहे।

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