जसोल (बालोतरा)। पंच दशनाम जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली एनसीआर संत महामंडल के अध्यक्ष एवं श्री दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद के महंत पूज्य नारायणगिरी महाराज के पावन सानिध्य में, श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के समिति सदस्य एवं प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल द्वारा आरबीएससी कक्षा 10 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों का भव्य एवं प्रेरणादायी सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रद्धा एवं आस्था के वातावरण में हुआ, जिसमें सम्मानित विद्यार्थियों ने अपने परिवारजनों सहित सर्वप्रथम श्री राणीसा भटियाणीसा सहित मंदिर प्रांगण स्थित समस्त मंदिरों के पावन दर्शन-लाभ प्राप्त कर आशीर्वाद ग्रहण किया।
इसके उपरांत पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार विद्यार्थियों का पुष्पमालाओं से अभिनंदन किया गया तथा संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी एवं श्री राणी रूपादे जी की पावन तस्वीर भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही मिठाई खिलाकर उनकी उपलब्धियों का हर्षोल्लासपूर्वक अभिनंदन किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में बालोतरा जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली धारा कुमारी चौहान (99.50 प्रतिशत), सुपुत्री देवाराम चौहान, निवासी पिंडारण, सुआ देवी भंसाली से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पूजा कुमारी सुथार (94.33 प्रतिशत), सुपुत्री ओमप्रकाश सुथार, निवासी जसोल, तथा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जसोल से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले हंसराज (92.83 प्रतिशत), सुपुत्र पुखराज मेघवाल, निवासी जसोल शामिल रहे।
इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपलब्धियों ने उनके परिवार, क्षेत्र एवं समाज को गौरवान्वित किया है।
धारा कुमारी ने नीट की तैयारी कर चिकित्सक बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है, पूजा कुमारी एनडीए के माध्यम से भारतीय वायु सेना में सेवा देने की अभिलाषा रखती हैं तथा हंसराज जेईई की तैयारी कर इंजीनियर बनने के लिए प्रयासरत हैं।
इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के समिति सदस्य एवं प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि मेधावी विद्यार्थियों की सफलता उनके अनुशासन, निरंतर परिश्रम, दृढ़ संकल्प एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहें, साथ ही अपनी क्षमताओं का पूर्ण विकास करें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों का विकास एवं जीवन में सही दिशा प्रदान करना है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल एवं अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाए रखते हुए सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर होना चाहिए।
कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने जसवंत सिंह जसोल का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जसोल से प्राप्त की और आगे चलकर देश के वित्त, विदेश एवं रक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का सफलतापूर्वक दायित्व संभालकर देश एवं क्षेत्र का मान बढ़ाया। यह उदाहरण दर्शाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति एवं सतत परिश्रम के बल पर व्यक्ति उच्चतम शिखरों तक पहुंच सकता है।
उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे शिक्षण हित में सकारात्मक, प्रेरणादायी एवं गुणवत्तापूर्ण वातावरण का निर्माण करें, जिससे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारते हुए उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हो सकें।
साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना धैर्य, आत्मविश्वास एवं आस्था के साथ करें और अपनी श्रद्धा श्री राणीसा भटियाणीसा में अटूट रखें, जो सभी का कल्याण करने वाली एवं दुःख हरने वाली हैं।
वहीं पूज्य महंत नारायणगिरी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि शिक्षा जीवन का सर्वोत्तम आभूषण है, जो व्यक्ति को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
इस अवसर पर राउमावि जसोल के प्राचार्य जेतमाल सिंह राठौड़ ने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि विद्यालय के शिक्षकों की मेहनत, अनुशासित वातावरण एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिणाम विद्यालय एवं क्षेत्र के लिए गौरव का विषय हैं तथा अन्य विद्यार्थियों को भी उत्कृष्टता की दिशा में प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों की इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं की।
पूरा वातावरण गौरव, प्रेरणा एवं उत्साह से ओत-प्रोत रहा।
इस अवसर पर सुआ देवी भंसाली राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्या इंद्रा दवे, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं राजेंद्र व्यास, दयाल सोनी, देवेंद्र दवे, धनवंती दवे, संतोष अग्रवाल, राधेश्याम परिहार, मीणा गुर्जर, रामेश्वरी परिहार, भारती नागौरा सहित शिक्षकगण एवं अभिभावकगण उपस्थित रहे।
उपस्थित सभी ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, समाज की उन्नति एवं प्रदेश की समृद्धि हेतु शुभकामनाएं प्रेषित की।
