जैसलमेर के MBBS छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सुसाइड नोट में मानसिक तनाव का जिक्र

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गुजरात के राजकोट में ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या , जैसलमेर का छात्र

•सार

 जैसलमेर के 23 वर्षीय MBBS छात्र रतन कुमार मेघवाल ने गुजरात के राजकोट में ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। छात्र के पास से सुसाइड नोट मिला है जिसमें मानसिक तनाव का जिक्र किया गया है। घटना से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।

•विस्तार

गुजरात के राजकोट शहर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे जैसलमेर निवासी एक छात्र ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना से न केवल मेडिकल कॉलेज परिसर में बल्कि छात्र के गृह जिले जैसलमेर में भी शोक की लहर दौड़ गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रहा था और उसने सुसाइड नोट में भी इसका जिक्र किया है।

मिली जानकारी के अनुसार जैसलमेर जिले के निवासी रतन कुमार मेघवाल (23) राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र थे। शनिवार सुबह उनकी लाश राजकोट के परापीपलिया रेलवे फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर मिली। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

सुबह 4 बजे हॉस्टल से निकले, एक घंटे बाद उठाया खौफनाक कदम

पुलिस जांच में सामने आया है कि रतन कुमार शनिवार तड़के करीब 4 बजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से बाहर निकले थे। इसके बाद वे सीधे परापीपलिया रेलवे ट्रैक की ओर चले गए। अनुमान है कि करीब सुबह 5 बजे के आसपास उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई और आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची गांधीग्राम पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और छात्र के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया। सुसाइड नोट में रतन ने खुद के मानसिक रूप से परेशान रहने का जिक्र किया है। हालांकि पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

पहले भी कर चुके थे आत्महत्या का प्रयास

जांच में यह भी सामने आया है कि रतन कुमार ने इससे पहले भी आत्महत्या की कोशिश की थी। बताया जा रहा है कि 28 जनवरी को भी वह सुबह जल्दी हॉस्टल से निकलकर इसी परापीपलिया रेलवे ट्रैक पर पहुंचे थे और ट्रेन के आगे कूदने की कोशिश की थी। उस समय वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें समय रहते देख लिया और समझाकर बचा लिया था।

उस घटना के बाद भी यह आशंका जताई जा रही थी कि छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहा है। हालांकि बाद में वह कॉलेज लौट गए थे और पढ़ाई जारी रखी थी।

AIIMS प्रशासन के बयान पर उठे सवाल

इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन के बयान को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। AIIMS प्रशासन का कहना है कि रतन कुमार कैंपस में नहीं रहते थे। जबकि दूसरी ओर हॉस्टल वार्डन ने ही छात्र के शव की पहचान की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि छात्र का हॉस्टल से संबंध था। इस विरोधाभास को लेकर भी जांच की जा रही है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

जैसे ही इस दर्दनाक घटना की खबर जैसलमेर में बैठे रतन के परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। बेटे को डॉक्टर बनते देखने का सपना संजोए माता-पिता इस खबर से पूरी तरह टूट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।

सूचना मिलने के बाद रतन के परिवार के सदस्य तुरंत राजकोट के लिए रवाना हो गए हैं।

पोस्टमॉर्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए राजकोट सिविल हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों के पहुंचने के बाद ही पोस्टमॉर्टम और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा और अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि छात्र किन परिस्थितियों में इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ।

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