द्वादशी पर जसोलधाम में उमड़ा श्र‌द्धा एवं आस्था का संगम, छप्पन भोग का भव्य अर्पण, भक्तों ने की पुजा अर्चना

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छप्पन भोग का भव्य अर्पण, भक्तों ने की पुजा अर्चना

जसोल बालोतरा।  भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वादशी के पावन अवसर पर श्री राणी अटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में श्रद्धा और आस्था का अद्‌भुत संगम देखने को मिला। प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ ही पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल छाया रहा। दूर-दूर से आए भक्तों ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरु जी के मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि की मंगलकामनाएँ की।

भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम) भोग का अर्पण

द्वादशी के इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर स्थित समस्त मंदिरों में भोग अर्पण करने का सौभाग्य टापरा निवासी श्रवण सिंह सुपुत्र छैलसिंह राठौड परिवार को प्राप्त हुआ। भोग अर्पण उपरांत लाभार्थी परिवार ‌द्वारा जसोलधाम दर्शनार्थ पधारे असंख्य भक्तों को भावपूर्वक महाप्रसादी का वितरण किया गया।

कन्या पूजन

लगा महाप्रसादी का भोग 

श्री राणीसा अटियाणीसा जन्मोत्सव के उपलक्ष में 22 सितंबर 2023 को प्रारंभ की गई महाप्रसादी भोग एवं छप्पन भोग लाभ योजना के अंतर्गत, भोजन प्रसादी लाभार्थियों द्वारा समस्त मंदिरों में ढोल की धमक एवं थाली की टंकार के साथ भौग अर्पण किया जाता है। भोग अर्पण उपरांत जसोल सर्व समाज की कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें फल प्रसादम, अन्नपूर्णा प्रसादम एवं दक्षिणा अर्पित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत, लाभार्थी परिवार द्वारा पूरे दिवस भोजनशाला निःशुल्क संचालित की जाती है, जसोलधाम दर्शनार्थ आए भक्त बिना किसी भेदभाव के एक साथ सर्व धर्म स‌द्भाव एवं सामाजिक समरसता की प्रतीक जसोलधाम भोजनशाला में बैठकर महाप्रसादी ग्रहण करते हैं।

कन्या प्रसाद लाभ

छप्पन भोग लाभ

छप्पन भोग लाभ योजना के अंतर्गत, ढोल की गूंज और थाली की टंकार के बीच छप्पन व्यंजनों का भोग समस्त मंदिरों में विधिवत रूप से अर्पित किया जाता है।

संध्याकालीन आरती तक छप्पन भोग व्यंजनों की अलौकिक सजावट श्री राणीसा भटियाणीसा मंदिर में भक्तों के दर्शन हेतु रखी जाती है।

तत्पश्चात, इन व्यंजनों को भोजनशाला में लाया जाता है और धर्मभाव से भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इस अवसर पर कन्या पूजन कर उन्हें भी महाप्रसादी करवाई जाती है।

इन दोनों योजनाओं का लाभ मां जसोल के भक्त अतिउत्साह एवं धर्म आव के साथ बढ़ चढ़कर ले रहे है।

रात्रि जागरण का होगा आयोजन

द्वादशी की रात्रि को भाद्रपद शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के उपलक्ष में मंदिर परिसर में भक्ति संध्या एवं रात्रि जागरण का भव्य आयोजन होगा। इस दौरान स्थानीय भजन मंडलियों द्वारा सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। भक्तगण भक्ति रस में सराबोर होकर मां जसोल की महिमा का गुणगान करेंगे।

त्रयोदशी पर विशेष भोग एवं धार्मिक आयोजन

त्रयोदशी के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में छप्पन भोग एवं सहाप्रसादी भोग का लाभ लाभार्थी परिवारों द्वारा लिया जाएगा। साथ ही मंदिर संस्थान द्वारा मां जसोल के असंख्य भक्तों की ओर से विशेष हवन-पूजन का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान दर्शनार्य पधारे भक्तों को फलों का प्रसाद भी वितरित किया जाएगा।

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