जैसलमेर, 12 मई: जैसलमेर जिले में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर एक सुनसान इलाके में बम जैसी वस्तु मिलने की सूचना सामने आई। ग्रामीणों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय ग्रामीणों को इलाके में एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी, जिसकी सूचना उन्होंने तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए भारतीय सेना को सूचित किया। सूचना मिलते ही सेना का बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और संदिग्ध वस्तु की जांच की। पुष्टि होने के बाद, बम को सुरक्षित रूप से डिस्पोज कर दिया गया।
सेना की इस मुस्तैदी से आमजन में विश्वास और गहराया है। जैसलमेर शहर और आसपास के बॉर्डर क्षेत्रों में फिलहाल शांति का माहौल है। बाजारों में चहल-पहल फिर से लौटने लगी है और लोग सामान्य दिनचर्या में लौटते नजर आ रहे हैं। रेल सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, हालांकि एहतियातन अगले आदेश तक स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर के बाद से सीमावर्ती इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। हालांकि रविवार रात 7:30 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक ब्लैकआउट लागू किया गया था। इस दौरान किसी भी प्रकार की हलचल नहीं हुई और रात शांति से बीती।
सोमवार सुबह के बाद से बाजार खुलने लगे और लोग सामान्य जीवन की ओर लौटते दिखे। शहर के चाय के थड़ियों पर लोग चाय की चुस्कियों के साथ सुरक्षा और हालात को लेकर चर्चाओं में मशगूल दिखे।
जैसलमेर प्रशासन और सेना की तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्र के नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।
