“कोई बात नहीं मेरी जान…” आखिरी शब्द लिखकर फांसी के फंदे पर झूल गया युवक; डेढ़ महीने बाद मिले खत से खुला आत्महत्या का सच

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राजस्थान के जालोर जिले के आहोर थाना क्षेत्र में एक युवक की आत्महत्या का मामला अब एक नया और बेहद संवेदनशील मोड़ ले चुका है। करीब डेढ़ महीने पहले जिस आत्महत्या को पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर कारणहीन मानते हुए मर्ग में दर्ज किया था, उसी मामले में अब सुसाइड नोट मिलने से पूरे घटनाक्रम ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुसाइड नोट में युवक ने प्रेम में धोखा, भावनात्मक टूटन और मानसिक पीड़ा का उल्लेख किया है, जिसके बाद परिजनों ने इसे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

29 नवंबर को हुई थी आत्महत्या, तब नहीं मिला था कोई सुराग

जानकारी के अनुसार आहोर थाना क्षेत्र के गोदन गांव निवासी 21 वर्षीय सुरेश कुमार पुत्र दूदाराम मेघवाल ने 29 नवंबर 2025 को अपने ही घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे कोई ठोस कारण सामने नहीं आया था, न ही घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ। ऐसे में पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की थी।

“कोई बात नहीं मेरी जान…” आखिरी शब्द लिखकर फांसी के फंदे पर झूल गया युवक; डेढ़ महीने बाद मिले खत से खुला आत्महत्या का सच 3

कमरे की सफाई के दौरान अलमारी से मिला सुसाइड नोट

मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब हाल ही में परिजन युवक के कमरे की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अलमारी के भीतर रखा एक सुसाइड नोट मिला, जिस पर 29 नवंबर 2025 की ही तारीख अंकित है। नोट मिलने के बाद परिवार स्तब्ध रह गया, क्योंकि इसमें सुरेश ने अपनी निजी जिंदगी, प्रेम संबंध और मानसिक अवस्था को शब्दों में बयां किया है।

भावुक शब्दों में प्रेमिका को किया संबोधित

सुसाइड नोट में सुरेश ने लिखा है कि उसने अपनी प्रेमिका को ही अपना जीवनसाथी मान लिया था और उसके अलावा वह किसी और से प्रेम करने की कल्पना भी नहीं कर सकता। उसने उल्लेख किया कि वह उसका पहला प्यार थी, लेकिन उसे धोखा मिला। नोट के अंत में बेहद भावुक शब्दों में उसने लिखा
“कोई बात नहीं मेरी जान, अब मैं अलविदा कह रहा हूं… हमेशा के लिए जा रहा हूं।”
इन पंक्तियों ने परिजनों का दर्द और बढ़ा दिया।

पिता ने लगाए गंभीर आरोप, एसपी कार्यालय पहुंचे

सुसाइड नोट मिलने के बाद मृतक के पिता दूदाराम मेघवाल सोमवार को जालोर एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे का पिछले 8 से 9 महीनों से आहोर क्षेत्र की एक युवती के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों आपस में रिश्तेदार थे, इसी कारण परिवार ने शादी के लिए सहमति नहीं दी थी। पिता का कहना है कि समझाइश के बावजूद युवती लगातार सुरेश को मैसेज और कॉल करती रही।

जहर की डिब्बी की फोटो से बढ़ा मानसिक दबाव

मृतक के पिता का आरोप है कि 29 नवंबर को युवती ने उनके बेटे को जहर की डिब्बी की फोटो और भावनात्मक संदेश भेजे थे, जिससे सुरेश को यह लगा कि युवती आत्महत्या करने वाली है। इसी डर, तनाव और मानसिक दबाव में आकर उसने यह कदम उठा लिया। पिता ने इसे सीधा-सीधा आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बताते हुए युवती के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की गहन जांच

आहोर थानाधिकारी करण सिंह ने बताया कि मृतक के पिता द्वारा उपलब्ध कराए गए सुसाइड नोट को पुलिस ने जब्त कर लिया है। नोट की हैंडराइटिंग की जांच करवाई जा रही है ताकि इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि हो सके। इसके साथ ही सुरेश का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। मोबाइल में मौजूद मैसेज, कॉल डिटेल, चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।

थानाधिकारी के अनुसार, सभी तथ्यों और सबूतों की गहन पड़ताल के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामला जांचाधीन है और पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले हर पहलू को खंगाल रही है।

सवालों के घेरे में प्रेम संबंध और मानसिक दबाव

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि भावनात्मक रिश्तों में पैदा हुआ तनाव किस हद तक किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। डेढ़ महीने बाद सामने आया सुसाइड नोट न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि जांच एजेंसियों के लिए भी एक अहम कड़ी बन गया है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर सच क्या है और जिम्मेदारी किसकी तय होगी।

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