बालोतरा खेड़। मारवाड़ के तीर्थराज के नाम से देश-प्रदेश में विख्यात सनातन तीर्थ स्थल श्री रणछोड़राय मंदिर, खेड़ में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार को पारंपरिक 56 भोग अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। प्रातः 5 बजे मंगला आरती के साथ ही जिलेभर के गांव-कस्बों से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। संध्या आरती तक दर्शन व प्रसादी के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ निरंतर बनी रही।
मंदिर में महाशृंगार
मेले से पूर्व मुख्य ठाकुरजी की प्रतिमा सहित अन्य विग्रहों का मंदिर पुजारी लाभधंकर अवस्थी व हीरालाल दवे द्वारा पंचामृत अभिषेक कर नवीन वस्त्र, मोर मुकुट और आभूषणों से अलंकृत महाशृंगार किया गया। प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ दिनभर के उत्सव का शुभारंभ हुआ।
56 भोग महा आरती और 111 व्यंजन का अन्नकूट भोग
दोपहर में आयोजित मुख्य महा आरती में ट्रस्ट मंडल उपाध्यक्ष भंवरलाल, सचिव महेंद्र अग्रवाल, सह-सचिव अयोध्या प्रसाद गोयल सहित पदाधिकारियों ने ठाकुरजी को 111 प्रकार के व्यंजनों से निर्मित अन्नकूट प्रसादी अर्पित की। महाभोग के पश्चात प्रसादी वितरण का क्रम देर शाम तक जारी रहा।
35 हजार किलो अन्नकूट प्रसादी का वितरण
ट्रस्ट मीडिया प्रभारी दौलत आर. प्रजापत के अनुसार 96 घंटे पूर्व से 50 हलवाइयों की टीम मेवे की मिठाइयां, मावा मिठाई, चने की मिठाई, हलवा, 31 प्रकार के नमकीन, 40 प्रकार की सब्जियां व 10 प्रकार के फल सहित कुल 111 व्यंजन बनाने में जुटी थी। प्रातः 11 बजे से संध्या 6 बजे तक लगभग 35,000 किलो अन्नकूट प्रसादी हजारों श्रद्धालुओं में वितरित की गई।
व्यवस्थाओं में जुटे 200 से अधिक कर्मी
मेले से 24 घंटे पूर्व 150 मजदूरों की टीम व्यवस्थाओं में सक्रिय रही। वहीं ट्रस्ट मंडल के 50 से अधिक कार्यकर्ता भी पग-पग पर श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में तैनात रहे। दर्शन के लिए मंदिर परिसर में पंक्तिबद्ध रेलिंग व्यवस्था बनाई गई, वहीं परिक्रमा मार्ग पर प्रसादी वितरण किया गया।
मेले में दुकानों और झूलों का आकर्षण
भव्य मेले में झूले, खेल-खिलौने, चाट-पकौड़ी, पेय पदार्थों तथा प्रसाद-पूजा सामग्री की दुकानें आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्य सड़क से मंदिर परिसर तक शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
जनप्रतिनिधियों ने किए दर्शन
मेले के दौरान पूर्व राज्य मंत्री अमराराम चौधरी, पूर्व विधायक मदन प्रजापत, भाजपा जिला अध्यक्ष भरत मोदी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। व्यवस्थाओं में भगवानदास लोहिया, राधेश्याम सराफ, महेश सिंहल, रामचंद्र घांची, रविंद्र रामावत, तथा विशेष रूप से अजय गुप्ता, रामनिवास सिंहल, परमानंद सोनी, अजय पारीक, नरसिंह माली सहित अनेक कार्यकर्ताओं का सहयोग रहा।
