राजस्थान में मौसम का कहर: जालौर, सिरोही, बाड़मेर और जैसलमेर में भारी से अतिभारी बारिश का अलर्ट

3 Min Read
मौसम विभाग अलर्ट

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास का मौसम इस समय पूरी तरह से मॉनसून एक्टिविटी से प्रभावित है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बना अवदाब आज और अधिक तीव्र होकर गहरे अवदाब में तब्दील हो गया है। यह सिस्टम दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान, भुज क्षेत्र तथा पश्चिमी राजस्थान के नजदीकी इलाकों में सक्रिय है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटों में यह सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम की ओर खिसकते हुए कमजोर पड़ जाएगा और पुनः अवदाब में परिवर्तित हो जाएगा। इसके बावजूद इसका असर राजस्थान के कई जिलों में अगले एक-दो दिनों तक देखने को मिलेगा।

 आज का पूर्वानुमान (8 सितम्बर)

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आज 8 सितम्बर को जालौर, सिरोही, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में तेज हवाओं (45–55 किलोमीटर प्रति घंटा, कुछ जगहों पर झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक) के साथ भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है। वहीं शेष पश्चिमी राजस्थान व दक्षिणी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

इस दौरान नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ सकता है। कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर लोगों से अपील की है कि वे निचले इलाकों से दूर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

कल का पूर्वानुमान (9 सितम्बर)

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 9 सितम्बर को जैसलमेर और बाड़मेर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। हालांकि इसके बाद मॉनसून गतिविधियों में तेजी से कमी आएगी और अगले एक सप्ताह तक केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश की ही संभावना रहेगी।

 पिछले 24 घंटे का हाल

पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा माउंट आबू, सिरोही में 250 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा जालौर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनी

आपदा प्रबंधन विभाग, जयपुर ने कहा है कि तेज हवाओं और भारी बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

 आमजन से अपील

नदियों और नालों के पास न जाएं

बिजली गिरने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों

प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करें

यात्रा केवल आवश्यक होने पर ही करें

Share This Article
Exit mobile version