जिला प्रशासन जैसलमेर की ओर से आवश्यक सूचना
जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस में आज अचानक आग लग जाने की दुःखद घटना सामने आई है। जिला प्रशासन घटना की जानकारी मिलते ही सक्रिय हो गया है तथा राहत एवं बचाव कार्य तत्परता से किए जा रहे हैं। प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं और यात्रियों की सहायता में जुटी हुई हैं।
जिला कलक्टर प्रताप सिंह ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और संबंधित अधिकारियों को तत्काल राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। घायलों का श्री जवाहिर चिकित्सालय में चिकित्सकों द्वारा तत्परता से उपचार किया जा रहा है।
जनता से अपील की जाती है कि इस घटना से संबंधित वे किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें –
📞 9414801400,
📞 8003101400
📞02992-252201
📞02992-255055
जिला प्रशासन स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है एवं आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोग बने देवदूत
हादसे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने जो साहस दिखाया, वह सराहनीय रहा। कई लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बस से बाहर निकाला। एक राहगीर ने बताया
हमने देखा कि बस के पिछले हिस्से में आग लगी है। लोग चीख रहे थे। हमने पानी की बोतलें फेंकी और दरवाजे तोड़ने में मदद की। कुछ यात्रियों को खिड़कियों से बाहर निकाला।
घायलों को गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल
चिकित्सकों ने बताया कि घायलों के चेहरे, हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्से झुलस गए हैं। गंभीर रूप से झुलसे कुछ यात्रियों को जोधपुर एम्स रेफर किया गया है। इनमें इमामत (30), उनका बेटा युनूस, और ओमाराम भील (30), निवासी लाठी शामिल हैं।
ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किया गया सुरक्षित रेफरल
गंभीर घायलों को शीघ्र और सुरक्षित इलाज मिल सके, इसके लिए देचू थाना पुलिस की ओर से ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया गया।
करीब 7-8 एंबुलेंसों के काफिले को जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना किया गया। रास्ते में पुलिस ने ट्रैफिक रोककर एंबुलेंसों को बिना किसी रुकावट के मार्ग प्रदान किया।
देचू थाना प्रभारी और जैसलमेर पुलिस अधीक्षक ने स्वयं रूट की निगरानी करते हुए सुनिश्चित किया कि सभी घायलों को समय पर जोधपुर पहुंचाया जा सके।
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में सभी घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की विशेष टीम घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
70 फीसदी तक झुलसे घायलों का इलाज जारी- पूर्व विधायक
पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव ने बताया कि
“जैसलमेर से गंभीर घायलों को जोधपुर रेफर किया गया है। वहां महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सभी घायलों का इलाज जारी है। अधिकांश घायलों के शरीर का करीब 70 फीसदी हिस्सा झुलस गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले की जानकारी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को दी गई है, ताकि राज्य और केंद्र स्तर पर समुचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया दुख, दिए राहत एवं बचाव के निर्देश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा
“जैसलमेर में बस में लगी आग की घटना अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुखद हादसे से प्रभावित नागरिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार एवं प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभु श्रीराम दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री करेंगे घटनास्थल का दौरा
जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर थईयात गांव के पास चलती बस में अचानक आग लगने की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर जयपुर से जैसलमेर के लिए रवाना होंगे।
खींवसर जैसलमेर के प्रभारी मंत्री भी हैं। दोनों नेता घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर घायलों की स्थिति, राहत कार्यों और बचाव गतिविधियों का निरीक्षण करेंगे।
मुख्यमंत्री ने इस घटना को लेकर जिला प्रशासन से फीडबैक लिया है और प्रभावित परिवारों एवं घायलों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
इस दौरे के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग घायलों को शीघ्र और बेहतर उपचार मुहैया कराने के लिए पूरी तैयारी में है।
जोधपुर रेफर हुए 16 गंभीर घायलों का इलाज जारी, ट्रॉमा सेंटर खाली कर इमरजेंसी तैयारी पूरी
बस में आग लगने के बाद गंभीर रूप से झुलसे 16 यात्री जोधपुर रेफर किए गए हैं। हादसे के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए।
ट्रॉमा सेंटर खाली, डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात
MDM हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया:
“हमें हादसे की सूचना मिलते ही ट्रॉमा सेंटर खाली करवा दिया गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भी पूरी तैयारी की गई है, ताकि किसी भी मरीज को देर न हो।”
कलेक्टर बोले
आज जैसलमेर से जोधपुर जा रही निजी बस संख्या RJ 09 PA 8040 में चलते समय अचानक आग लगने की अत्यंत दुखद घटना हुई है।
जिला प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद रही और राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता के साथ किया गया। दुर्घटना में घायल 16 यात्रियों को जैसलमेर जिलाअस्पताल में प्राथमिक उपचार के पश्चात जोधपुर के लिए रेफर किया गया।
जिला प्रशासन की दिवंगत यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना है, हम इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ हैं।
मैं मृतक यात्रियों के परिजनों से अपील करता हूं कि वे अपने परिवार के सदस्य या परिचित की पहचान सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन की हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें
📞 9414801400
📞 8003101400
📞 02992-252201
📞 02992-255055
20 यात्री जिंदा जले, 16 बुरी तरह झुलसे! स्थानीय पत्रकार की आगजनी में हुई मौत
राजस्थान का इस महीने का दूसरा सबसे बड़ा महाहादसा, जैसलमेर बस हादसे में अब तक 20 की मौत
राजस्थान एक बार फिर दर्दनाक हादसे से कांप उठा है। जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर हुई निजी बस में आग लगने की घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया।
अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई गंभीर घायल जोधपुर के एमडीएम और महात्मा गांधी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे हैं।
इस हादसे ने मीडिया जगत को भी गहरा आघात पहुंचाया है।
जैसलमेर के वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र सिंह चौहान भी इस दर्दनाक बस हादसे में झुलस गए और उनका निधन हो गया।
जोधपुर के लिए रेफर किए गए 16 गंभीर घायलों में से एक हुसैन ने बीच रास्ते में दम तोड़ दिया।
यह राजस्थान में इस महीने का दूसरा सबसे बड़ा महाहादसा है।
कुछ दिन पहले
जयपुर में 8 लोगो के ICU में जिंदा जलने के बाद अब जैसलमेर की यह आगजनी त्रासदी प्रदेश को फिर उसी दर्दनाक दृश्य की याद दिला रही है।
सीएम भजनलाल शर्मा पहुँचे जैसलमेर,विधायक महंत प्रतापपुरी व जिला प्रशासन मौजूद
जैसलमेर बस हादसे के बाद सीएम भजनलाल घटनास्थल पहुंचे, अब तक 20 की मौत,3 बच्चे भी शामिल, पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी बोले बस से 19 शव बरामद, डीएनए जांच से होगी पहचान; जोधपुर में एक घायल की मौत के बाद आंकड़ा पहुंचा 20
जैसलमेर बस हादसे के बाद सीएम भजनलाल घटनास्थल पहुंचे, अब तक 20 की मौत, 3 बच्चे भी शामिल
दर्दनाक बस दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे।सीएम विशेष विमान से जैसलमेर पहुंचे, उनके साथ चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी मौजूद हैं।एयरपोर्ट से मुख्यमंत्री सीधे हादसे के स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की।इसके बाद वे जोधपुर रवाना होंगे, जहां महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती गंभीर रूप से झुलसे यात्रियों से मुलाकात करेंगे।पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी ने बताया कि बस से 19 शव बरामद किए गए हैं, जिनकी डीएनए जांच के बाद पहचान की जाएगी।उन्होंने कहा कि हादसे में घायल 16 यात्रियों को जोधपुर रेफर किया गया था, जिनमें से एक की उपचार के दौरान मौत हो गई।इस तरह हादसे में अब तक कुल 20 लोगों की मौत हो चुकी है।मृतकों में संभवतः 3 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं।घटना के बाद से पूरे जैसलमेर में शोक की लहर है।
हनुमान बेनीवाल ने उठाए सवाल

जैसलमेर बस हादसे को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार पर कड़े सवाल उठाए हैं।
उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर साझा पोस्ट में लिखा कि जब सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की धर्मपत्नी को बीमार होने पर पाली से जयपुर हेलीकॉप्टर से ला सकती है,
तो आज जैसलमेर के निकट हुए इस भीषण बस हादसे में झुलसे नागरिकों को एयरलिफ्ट क्यों नहीं किया गया?
बेनीवाल ने कहा कि जैसलमेर में सेना के हेलिकॉप्टर मौजूद थे, सरकार चाहती तो गंभीर रूप से झुलसे घायलों को तुरंत जोधपुर या जयपुर पहुंचाया जा सकता था।
उन्होंने कहा
“यह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सत्ताधारी दल के प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही संवेदनहीन हो गए हैं,
जिन्होंने समय रहते झुलसे हुए नागरिकों की पीड़ा तक महसूस नहीं की।”
सांसद की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मुआवजा देने का किया ऐलान
बस में लगी आग के भीषण हादसे पर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख जताया है।
उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा
“जैसलमेर में हुए एक हादसे में हुई जान-माल की हानि से व्यथित हूं।
इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं।
घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने साथ ही प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मुआवजे की घोषणा भी की।
उन्होंने कहा कि
“प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी,
जबकि घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।”
गौरतलब है कि इस हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 से अधिक लोग झुलसे हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जोधपुर और जैसलमेर में घायलों का इलाज जारी है।
मंगलवार दोपहर जैसलमेर-जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब जोधपुर की ओर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक आग की लपटों में घिर गई। हादसे में अब तक 15 लोग झुलसने की पुष्टि हुई है, जिनमें 3 बच्चे और 4 महिलाएं शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि कुछ ही मिनटों में पूरी बस जलकर खाक हो गई।
हादसा दोपहर करीब 3:36 बजे हुआ, जब बस थईयात गांव के पास पहुंची ही थी। बस रोजाना की तरह दोपहर 3 बजे जैसलमेर से जोधपुर के लिए रवाना हुई थी, जिसमें करीब 57 यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बस के एक हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया, देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी गिरफ्त में ले लिया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से कूदने लगे।
धुएं के गुबार से ढकी सड़क, चीख-पुकार से गूंज उठा इलाका
हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बस से उठते धुएं और लपटों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया था। ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया। कई लोगों ने अपने कपड़ों से आग बुझाने की कोशिश की। किसी ने पानी की बोतलें फेंकी, तो किसी ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दमकल की टीम ने आग पर काबू पाया। इस बीच सेना के जवान भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों में जुट गए।
घायलों को गोद में उठाकर पहुंचाया अस्पताल
घायलों को स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तीन एंबुलेंसों और कई निजी वाहनों के जरिये श्री जवाहिर चिकित्सालय, जैसलमेर लाया गया। कई घायलों को स्ट्रेचर तक नहीं मिला, तो लोगों ने उन्हें गोद में उठाकर या फिर कंधे का सहारा देकर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल परिसर में घायलों के परिजनों की भीड़ उमड़ आई। परिजन एक-दूसरे से अपनों की जानकारी लेते रहे, जबकि महिलाओं की रोने की आवाजें वातावरण में दर्द घोल रही थीं।
चिकित्सकों ने बताया कि घायलों के चेहरे, हाथ, पैर और शरीर के कई हिस्से झुलस गए हैं। गंभीर रूप से झुलसे कुछ यात्रियों को जोधपुर एम्स रेफर किया गया है। इनमें इमामत (30), उनका बेटा युनूस, और ओमाराम भील (30), निवासी लाठी शामिल हैं।
बस पूरी तरह जलकर खाक, कारणों का अभी पता नहीं
बस का ढांचा आग में पूरी तरह जलकर राख हो गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या इंजन की तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

