श्रीमद् भागवत कथा का भावपूर्ण समापन, सुदामा–कृष्ण मैत्री ने भक्तों को किया भाव-विभोर

Narpat Mali
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बालोतरा। इनरव्हील क्लब बालोतरा द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन अत्यंत भक्तिमय एवं भावपूर्ण वातावरण में हुआ। अंतिम दिन आचार्य आनंद भाई जी ने श्रीकृष्ण–सुदामा की मैत्री का प्रसंग इतनी सुंदरता और भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया कि पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण नंगे पांव दौड़ते हुए अपने मित्र सुदामा से मिलने पहुंचे और अश्रुपूरित नेत्रों से उसे गले लगाया।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण, रुक्मिणी एवं सुदामा की झांकी अत्यंत आकर्षक रूप में प्रस्तुत की गई, जिसे देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। पूरे आयोजन के दौरान भक्तजन एकाग्रचित्त होकर कथा श्रवण करते नजर आए।

आचार्य आनंद भाई जी ने कथा के समापन पर बताया कि यदुवंश के विनाश के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण बैकुंठ धाम पधारे। उनके शरीर से दिव्य तेज प्रकट हुआ, जिससे श्रीमद् भागवत का निर्माण हुआ और ठाकुर जी उसमें ही समाहित हो गए। उन्होंने कहा कि कलियुग में जब पाप अपने चरम पर होगा, तब यही श्रीमद् भागवत मानव को पापों से मुक्त करने का मार्ग दिखाएगी। साथ ही उन्होंने कल्कि अवतार के आगामी समय में प्रकट होने का भी उल्लेख किया।

क्लब अध्यक्ष पवित्रा डागा ने बताया कि भागवत कथा के समापन के पश्चात फूलों की होली खेली गई, जिसमें राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी ने सभी का मन मोह लिया। इनरव्हील क्लब की सभी सदस्याएं एवं उपस्थित भक्तजन भक्ति संगीत पर नृत्य करते नजर आए, वहीं कलाकारों की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया।

इस सात दिवसीय आयोजन में क्लब की सभी सदस्यों ने तन, मन और धन से सहयोग किया। खत्री समाज द्वारा भवन निशुल्क उपलब्ध कराने तथा अन्य सहयोगकर्ताओं द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित रहकर उत्साहवर्धन करने पर इनरव्हील क्लब की ओर से सभी का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही प्रतिदिन कार्यक्रम की कवरेज करने वाले पत्रकार बंधुओं को भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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