रावल किशन सिंह जसोल ने चिकित्सकों, रोगियों एवं परिजनों से भेंट कर जानी कुशलक्षेम, अब तक 2578 रोगियों की ओपीडी, 102 सफल शल्य क्रियाएँ सम्पन्न
जसोल (जिला बालोतरा)। राजस्थान सरकार के आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में जसोल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल परिसर में आयोजित 10 दिवसीय विशाल निःशुल्क अंतरंग एवं आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर अत्यंत सफलतापूर्वक, सुव्यवस्थित एवं जनकल्याणकारी स्वरूप में संचालित हो रहा है।
यह शिविर विशेष रूप से अर्श (बवासीर), भगंदर (फिस्टुला) एवं परिकर्तिका (फिशर) जैसी गम्भीर, पीड़ादायक एवं दीर्घकालिक रोगों के आयुर्वेदिक क्षारसूत्र पद्धति से प्रभावी उपचार हेतु आयोजित किया गया है। शिविर में प्रदेश के अनुभवी आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा बिना बड़े चीरे, न्यूनतम पीड़ा एवं वैज्ञानिक पद्धति से उपचार प्रदान किया जा रहा है।
अब तक का सेवा लेखा-जोखा
शिविर प्रारंभ होने से अब तक कुल 2578 रोगियों की ओपीडी (OPD) की जा चुकी है, जबकि 102 रोगियों की सफल क्षारसूत्र शल्य क्रियाएँ संपन्न करवाई जा चुकी हैं।
विशेष उल्लेखनीय है कि इस शिविर में बाड़मेर एवं बालोतरा जिले सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में रोगी पहुँचकर लाभान्वित हो रहे हैं, जिससे शिविर की व्यापक उपयोगिता एवं जनविश्वास स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।
श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल का गरिमामय शिविर दौरा
श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल जसोलधाम परिसर में पधारे एवं शिविर स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में सेवाएँ दे रहे आयुर्वेद विशेषज्ञ चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मियों से भेंट कर उपचार प्रक्रिया, रोगी सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर उन्होंने शिविर में उपचाररत रोगियों एवं उनके परिजनों से आत्मीय संवाद कर उनकी कुशलक्षेम पूछी, उपचार अनुभव जाना तथा उन्हें समुचित सहयोग का आश्वासन दिया।

रावल किशन सिंह जसोल ने कहा — “जसोलधाम में आयोजित यह निःशुल्क आयुर्वेद क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर राजस्थान सरकार, आयुर्वेद विभाग एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। बड़ी संख्या में रोगियों की ओपीडी एवं सफल ऑपरेशनों से यह सिद्ध होता है कि यह शिविर पीड़ित मानवता के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल सदैव जनसेवा, स्वास्थ्य सेवा एवं लोककल्याण के कार्यों में पूर्ण निष्ठा से सहयोग करता रहेगा।”
चिकित्सा, सेवा और संवेदना का समन्वय
शिविर में प्रतिदिन ओपीडी परामर्श, रोगी चयन, शल्य चिकित्सा, औषधि वितरण की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ भर्ती रोगियों हेतु भोजन, आवास एवं सतत देखरेख की समुचित निःशुल्क सुविधा श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही है।
क्षेत्रवासियों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा इस शिविर की भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है तथा अधिकाधिक रोगियों से इस जनसेवात्मक शिविर का लाभ उठाने की अपील की जा रही है।

