बालोतरा। बालोतरा स्थित एमबीआर राजकीय महाविद्यालय की खेल मैदान सहित भूमि पर सरकारी कार्यालयों के निर्माण प्रस्ताव को लेकर विद्यार्थियों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को छात्र संगठनों ने महाविद्यालय परिसर में सद्बुद्धि यज्ञ कर सरकार और प्रशासन को चेतावनी दी। शांतिपूर्ण विरोध में एनएसयूआई, एबीवीपी सहित विभिन्न छात्र संगठन और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
स्पष्ट चेतावनी—“शिक्षा के मंदिर की जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं”
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष गिरधारीलाल चौधरी ने कहा कि कई दिनों से प्रशासन के साथ वार्ताएँ चल रही हैं, मगर अब तक कोई लिखित और ठोस आश्वासन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो बालोतरा का युवा सड़क पर उतरकर आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नेमीचंद मेघवाल ने भविष्य में एनसीसी भवन, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ, फैकल्टी भवन और खेल सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कॉलेज भूमि कम होती गई, तो विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा। इससे शिक्षा और खेल—दोनों गुणवत्ता प्रभावित होंगी।
“कॉलेज की जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे”
एबीवीपी नगर मंत्री दिनेश पाल सिंह राजपुरोहित ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉलेज की जमीन छात्रों का अधिकार है और किसी भी स्तर पर इसके हस्तांतरण का विरोध किया जाएगा। उन्होंने चेताया कि यदि छात्रों की आवाज अनसुनी की गई तो बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
एनएसयूआई नेता राजू चौधरी ने प्रशासनिक कार्यालयों के लिए कॉलेज की भूमि लेने को “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़” बताया। छात्रा चंचल ने कहा कि सद्बुद्धि यज्ञ के माध्यम से प्रशासन को संदेश दिया गया है कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।
प्रस्ताव निरस्त करने की मांग
सभी छात्र संगठनों ने प्रशासन से तत्काल प्रस्ताव निरस्त करने और कॉलेज की भूमि को खेल व शैक्षणिक विस्तार हेतु सुरक्षित रखने की मांग दोहराई।
विरोध में बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद
विरोध कार्यक्रम में ओमप्रकाश मेघवाल, हरीश घारू, डूंगर चौधरी, गजेंद्र सिंह, लोकेंद्र सिंह, कवराज सिंह, ओम गर्ग, लक्षिता, संयोजिता, राजू बॉस, जितेंद्र मेघवाल, संजय मेड़तिया, हुकमाराम प्रजापत, भरत राठौर, चेतन, नरपत गर्ग, रमेश भादू, लक्ष्मण गोस्वामी, कशिश, विक्रम, जीत कुमार, प्रकाश, अशोक कुमार, यशपाल सिंह, सूर्य प्रकाश शर्मा, भरत सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

