एमबीआर कॉलेज की खेल मैदान भूमि आवंटन पर छात्रों का विरोध, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

Narpat Mali
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टायर जलाकर किया विरोध

बालोतरा। एमबीआर राजकीय महाविद्यालय बालोतरा के खेल मैदान को प्रशासनिक कार्यों हेतु आवंटित किए जाने के प्रस्ताव के खिलाफ छात्र संगठनों का जोरदार विरोध जारी है।

एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष गिरधारीलाल चौधरी के नेतृत्व में छात्र प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की।

चौधरी ने बताया कि एमबीआर राजकीय महाविद्यालय बालोतरा जिले का प्रमुख एवं नोडल कॉलेज है, जहाँ हजारों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर स्थित खेल मैदान छात्रों के शारीरिक विकास, खेल गतिविधियों, प्रशिक्षण शिविरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में इसे प्रशासनिक कार्यालयों के लिए आवंटित करना विद्यार्थियों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।

एबीवीपी के नगर मंत्री दिनेश सिंह राजपुरोहित ने कहा कि खेल मैदान सिर्फ खाली भूमि नहीं, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। यदि इसे प्रशासनिक उपयोग में ले लिया गया, तो कॉलेज के छात्रों के लिए खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि छात्र किसी भी कीमत पर खेल मैदान से समझौता नहीं करेंगे।

छात्र नेता राजू चौधरी ने आरोप लगाया कि इस निर्णय से पूर्व न तो महाविद्यालय प्रशासन और न ही छात्र संगठनों से कोई परामर्श किया गया। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कॉलेज की भूमि का आवंटन छात्रों के हितों की अनदेखी है। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रशासनिक कार्यालयों के लिए किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि का चयन किया जाए।

छात्र नेता गजेंद्र सिंह ने बताया कि पूर्व में भी इस विषय को लेकर जिला प्रशासन से बातचीत की गई, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला है। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को तेज करते हुए शांतिपूर्ण जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

छात्र संगठनों ने सरकार से आग्रह किया कि शिक्षा संस्थानों की भूमि को सुरक्षित रखा जाए तथा विद्यार्थियों के हितों के विपरीत कोई निर्णय न लिया जाए। छात्रों का कहना है कि विकास के साथ-साथ युवाओं के भविष्य की रक्षा करना भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

इस दौरान हरीश घारू, ओम राजगुरु, डूंगर चौधरी

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