बाड़मेर। जिलेभर में मुस्लिम समुदाय द्वारा ईद-उल-फितर का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। गेहूं रोड स्थित ईदगाह मैदान में हजारों मोमिन भाइयों ने एक साथ नमाज अदा की। नमाज की इमामत जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी लाल मोहम्मद सिद्दीकी ने कराई। नमाज के बाद हजारों हाथ खुदा की बारगाह में उठे, जहां मुल्क की खुशहाली, अमन-चैन, शांति और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं।
सुबह करीब सात बजे से ही मोमिन भाइयों का ईदगाह पहुंचना शुरू हो गया था। देखते ही देखते ईदगाह मैदान में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नमाज के लिए जाते समय लोग रास्ते भर दुरूद शरीफ पढ़ते हुए अकीदत और एहतराम के साथ इस्लामी लिबास में नजर आए। पूरे क्षेत्र में ईद की रौनक और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मौलाना सिद्दीकी का संदेश: शिक्षा, नशा मुक्ति और स्वच्छता पर जोर
नमाज के बाद जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना हाजी लाल मोहम्मद सिद्दीकी ने अपने बयान में ईद को खुशियों और मिलन का पर्व बताते हुए सभी को आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ रहने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए मोमिन भाइयों से हर हाल में शिक्षा को अपनाने और उसका प्रचार-प्रसार करने की अपील की।
इसके साथ ही मौलाना सिद्दीकी ने नशा मुक्ति का संदेश देते हुए समाज को इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने की भी अपील की और उपस्थित लोगों को इसके लिए संकल्प दिलाया।
मौलाना ने अपने संबोधन में हक के रास्ते पर चलने और हलाल कमाई करने की अहमियत को भी दोहराया। कार्यक्रम के दौरान ईदगाह में अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। ईद के इस पावन अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और पूरे जिले में खुशी और सौहार्द का माहौल बना रहा। इस दौरान जन
प्रतिनिधियों सहित जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, कौमी एकता कमेटी के पदाधिकारी व गणमान्य लोग भी ईद की मुबारकबाद देने ईदगाह पहुॅचे।। यहां मुस्लिम भाईयों बड़े ही खुशी के साथ तमाम मेहमानों को हाथ मिलाकर, गले मिलकर ईद मिलन की मुबारकबाद पेश की।।
