जसोल। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल परिसर में चैत्र नवरात्रा के पावन पर्व पर पूज्य महंत नारायणगिरी महाराज श्री दूधेश्वर महादेव मंदिर, गाजियाबाद के पावन सानिध्य में आयोजित नौ दिवसीय हवन-पूजन, साधना एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आज पूर्णाहुति के साथ अत्यंत श्रद्धा, विधि-विधान एवं गरिमा के साथ समापन हुआ।
नवरात्रा के दौरान मां दुर्गा के नव स्वरूपों का वैदिक परंपरा के अनुरूप पूजन-अर्चन हुआ। प्रतिदिन कन्या पूजन श्रद्धा एवं सम्मान के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। संपूर्ण मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का दिव्य वातावरण व्याप्त रहा।

पूर्णाहूति के इस पावन अवसर पर छप्पन भोग का लाभ गेबाराम चौधरी, सुपुत्र मांगाराम चौधरी, निवासी कूड़ा धवेचा, तहसील बागौड़ा, जिला जालौर द्वारा भक्तिभाव से लिया गया।
इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के समिति सदस्य एवं प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि चैत्र नवरात्रा साधना, संयम एवं आत्मशुद्धि का महान पर्व है, जो प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों एवं सेवा भावना को आत्मसात करने की प्रेरणा प्रदान करता है।

उन्होंने आगे कहा कि नवरात्रा के नौ दिवस आत्ममंथन, आत्मसंयम एवं सद्गुणों के संवर्धन का संदेश देते हैं। यह समय अपने विचारों को शुद्ध करने, जीवन में अनुशासन स्थापित करने तथा सेवा, करुणा एवं परोपकार जैसे मानवीय मूल्यों को अपनाने का श्रेष्ठ अवसर है। साथ ही उन्होंने समस्त भक्तों के सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की मंगलकामनाएं प्रकट करते हुए सभी के जीवन में मां भगवती की कृपा निरंतर बनी रहने की कामना की।

वहीं पूज्य महंत नारायणगिरी महाराज ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि मां भगवती की आराधना आत्मशुद्धि, मानसिक स्थिरता एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि का आधार है। श्रद्धा एवं समर्पण भाव से की गई साधना जीवन को संतुलन, शांति एवं समृद्धि की ओर अग्रसर करती है।
इस अवसर पर आचार्य तोयराज ने कहा कि विधिपूर्वक सम्पन्न हवन-पूजन एवं नवरात्र साधना से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति एवं मानसिक संतुलन सुदृढ़ होता है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भक्तगण गरिमामय उपस्थिति में उपस्थित रहे। सभी ने मां भगवती से क्षेत्र की उन्नति, समाज की समृद्धि एवं समस्त जनकल्याण की मंगलकामनाएं प्रकट कीं।
