बालोतरा शहर के लिए यह दिन गर्व और उत्साह से भरा रहा, जब शहर की होनहार बेटी आयशा पंवार अमेरिका से पायलट प्रशिक्षण पूर्ण कर पहली बार अपने पैतृक नगर पहुंची। जैसे ही उनकी शहर में एंट्री हुई, माहौल उत्सव में बदल गया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की खुशबू और लोगों के चेहरों पर गर्व की चमक हर दृश्य इस बात का गवाह था कि बालोतरा अपनी बेटी की उपलब्धि पर कितना अभिमान महसूस कर रहा है।
आयशा पंवार, बालोतरा निवासी जेठाराम पंवार की इकलौती पुत्री हैं। जेठाराम पंवार पिछले कई वर्षों से गुजरात के सूरत शहर में कपड़े के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। व्यवसायिक व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा और सपनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। आयशा ने अपने बचपन के सपने को साकार करते हुए अमेरिका में जाकर पायलट का विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब वह एक प्रशिक्षित पायलट के रूप में अपने शहर लौटी हैं।
स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
आयशा के स्वागत के लिए परिवार के सदस्यों के साथ-साथ समाज और नगर के गणमान्य लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उनके दादा नारायण पंवार की आंखों में खुशी के आंसू साफ झलक रहे थे। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष महेश चौहान, RLP नेता थान सिंह डोली, भाजपा ओबीसी जिला महामंत्री लक्ष्मण पंवार, सूजाराम सुंदेशा सहित कई सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने आयशा को फूल-मालाएं पहनाकर, मिठाई खिलाकर और शुभकामनाएं देकर सम्मानित किया।
नगर के युवाओं और बालिकाओं के लिए यह पल प्रेरणादायक बन गया। कई अभिभावकों ने कहा कि आयशा की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें पूरा कर सकती हैं।
बचपन का सपना, वर्षों की मेहनत
स्वागत समारोह के दौरान आयशा पंवार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पायलट बनने का सपना उन्होंने बचपन से ही देखा था। आसमान में उड़ते विमानों को देखकर उनके मन में एक अलग ही उत्साह जागता था। उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचना आसान नहीं था। कठिन प्रशिक्षण, भाषा और सांस्कृतिक बदलाव, लंबी पढ़ाई और अनुशासन इन सब चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने परिवार को दिया। आयशा ने कहा, “अगर परिवार का साथ और विश्वास न होता, तो शायद यह सपना अधूरा रह जाता। मेरे माता-पिता और दादा ने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।”
बेटियों के लिए बनी मिसाल
बालोतरा जैसे शहर से निकलकर विदेश में पायलट प्रशिक्षण लेना और सफलता के साथ लौटना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि आयशा ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे शहर और समाज का नाम रोशन किया है। यह उपलब्धि उन परिवारों के लिए भी प्रेरणा है जो बेटियों को बड़े अवसर देने में संकोच करते हैं।
शहर में कई जगहों पर लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी आयशा को बधाई संदेश भेजे। युवाओं ने इसे “बालोतरा की ऐतिहासिक उपलब्धि” बताया।
उज्ज्वल भविष्य की कामना
समारोह के अंत में सभी ने आयशा पंवार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आशा जताई कि वह आने वाले समय में देश-विदेश में अपनी सेवाएं देकर नई ऊंचाइयों को छुएंगी। बालोतरा की इस बेटी ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और परिवार के सहयोग से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

