जसोलधाम में 2 दिवसीय निःशुल्क मेडिकल कैंप का भव्य समापन, 537 मरीजों को मिला उपचार, दवा, दुआ और माँ जसोल का पावन प्रसाद

Narpat Mali
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2 दिवसीय निःशुल्क मेडिकल कैंप का भव्य समापन

जसोल । बालोतरा। श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल ने समाज सेवा और मानव कल्याण की अपनी निरंतर परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, जायडस हॉस्पिटल बड़ौदा के संयुक्त तत्वावधान में जसोलधाम परिसर में 2 दिवसीय निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन किया। यह शिविर स्वर्गीय श्री गोपालसिंह जी की पुण्य स्मृति को समर्पित रहा, जिनका जीवन सेवा और प्रेरणा का जीवंत उदाहरण माना जाता है।

आयोजन की विशेषताएँ

दो दिवसीय इस विशाल शिविर का शनिवार को सफल समापन हुआ। इस दौरान कुल 537 मरीजों की चिकित्सकीय जाँच एवं परामर्श हुआ। मरीजों को संस्थान की ओर से निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध करवाई गईं और भोजनशाला में उनके परिजनों सहित सभी को माँ जसोल का पावन प्रसाद स्वरूप भोजन करवाया गया। आयोजन का माहौल धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सेवा भाव का भी प्रतीक रहा।

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विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएँ

इस मेडिकल कैंप में विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी अमूल्य सेवाएँ प्रदान कीं। इनमें डॉ. चतुर्भुज सिंह राठौड़ जसोल, डॉ. भगवती सलगोत्रा, डॉ. नितिन पटेल, डॉ. संजय सोनी और डॉ. राहुल शाह प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी ने मरीजों की गंभीरता से जाँच कर आत्मीयता और समर्पण के साथ नि:शुल्क परामर्श भी दिया। मरीजों ने डॉक्टरों के सेवाभाव और सरल स्वभाव की दिल खोलकर सराहना की।

समापन अवसर पर विचार

समापन समारोह में संस्थान समिति सदस्य कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने कहा कि श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी समाजहित के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह मेडिकल कैंप माँ जसोल की कृपा और भक्तों की आस्था का प्रत्यक्ष प्रतीक है और संस्थान भविष्य में भी समाजहित की ऐसी सेवामूलक गतिविधियाँ निरंतर करता रहेगा।

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मरीजों की प्रतिक्रियाएँ

मरीजों और उनके परिजनों ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ उन्हें दवा के साथ माँ की दुआ और प्रसाद भी मिला, जिसने मन को अद्भुत शांति दी। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अत्यंत आत्मीयता से जाँच की, जिससे विश्वास और भी गहरा हुआ। वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आए मरीजों ने एक ही स्थान पर इतने विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार मिलना अपने लिए सौभाग्य की बात बताया। भोजनशाला में बैठकर माँ जसोल का प्रसाद ग्रहण करना उनके लिए एक पवित्र अनुभव रहा।

सामाजिक महत्व

यह दो दिवसीय निःशुल्क मेडिकल कैंप केवल स्वास्थ्य सेवा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना का प्रतीक भी बना। इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जसोलधाम आस्था और भक्ति का केंद्र होने के साथ-साथ मानव सेवा और समाज कल्याण का भी पावन धाम है।

संस्थान की निरंतर सेवामूलक परंपरा

श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और धार्मिक-आध्यात्मिक उन्नति जैसे क्षेत्रों में समय-समय पर नई पहल करता रहा है। यह मेडिकल कैंप संस्थान की सेवामूलक यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में जुड़ा और भविष्य के लिए प्रेरणास्रोत बना।

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