बालोतरा। शहर के सिन्धु पैलेस में बुधवार सायं अमर शहीद हेमू कालाणी के बलिदान दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सिन्धी भाषा विकास परिषद्, नई दिल्ली (NCPSL) एवं सिन्धी पंचायत संस्था , बालोतरा के संयुक्त तत्वावधान में “हेमू तुझे प्रणाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत संगोष्ठी, नाट्य मंचन एवं विविध देशभक्ति प्रस्तुतियां हुईं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को देशप्रेम से ओतप्रोत कर दिया।
मीडिया प्रभारी प्रकाश मनवानी एवं योगेश सोनी ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण से हुई। इसके पश्चात जोधपुर से पधारे अतिथि अशोक मूलचंदानी, प्रदीप गेहानी, भरत अवतानी के साथ सिन्धी पंचायत संस्था अध्यक्ष टीकमदास खियानी, इनरव्हील क्लब की अध्यक्षा पवित्रा डागा, रजनी शिवनानी एवं चित्रा श्रीमाली ने अमर शहीद हेमू कालाणी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सभी अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में देशभक्ति नृत्य, समाज की महिला मंडल द्वारा देशभक्ति गायन तथा नन्ही बालिका द्वारा देशभक्ति गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके उपरांत अमर शहीद हेमू कालाणी की जीवनी पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसमें महिला शक्ति द्वारा निभाए गए किरदारों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
महिला मंडल की उपाध्यक्ष राखी सुखनानी ने हेमू कालाणी की जीवनगाथा को कविता के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रोता भावनाओं से अभिभूत हो उठे और बार-बार तालियों से कवयित्री का उत्साहवर्धन किया।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जोधपुर से पधारे अशोक मूलचंदानी ने कहा कि अमर शहीद हेमू कालाणी केवल किसी समाज या क्षेत्र विशेष के नायक नहीं थे, बल्कि वे सम्पूर्ण राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश अंग्रेजी हुकूमत के भय से सहमा हुआ था, तब सिन्ध प्रदेश की धरती से हेमू कालाणी जैसे युवा ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची देशभक्ति उम्र की मोहताज नहीं होती। उन्होंने कहा कि हेमू कालाणी ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि को समर्पित किया। वे जानते थे कि उनका मार्ग कठिन है, फिर भी उन्होंने अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध संघर्ष का रास्ता चुना। अपने सीमित संसाधनों और अल्पायु के बावजूद उन्होंने जो साहस दिखाया, वह आज भी हमें आत्मबल और निडरता की सीख देता है। शहीद हेमू ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय बलिदान को स्वीकार किया और अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
मूलचंदानी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे हेमू कालाणी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं, समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें और सत्य, साहस व समर्पण के मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि हेमू कालाणी का बलिदान हमें यह संदेश देता है कि देश सेवा केवल शब्दों से नहीं, बल्कि कर्म और चरित्र से होती है।
संगोष्ठी में प्रदीप गेहानी, समाज के संरक्षक वासुदेव बसरानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में पचपदरा विधायक अरुण चौधरी, संस्कार भारती के प्रांतीय मंत्री पूनमचंद सुथार, डॉ. संतोषसिंह शिवनानी तथा अध्यक्ष टीकमदास खियानी ने भी मंच से संबोधित करते हुए अमर शहीद हेमू कालाणी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान हेमू अमर रहे के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा और वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। पुरे कार्यक्रम का संचालन चंद्रप्रकाश आसुदानी और राखी सुखनानी ने किया।

इस दौरान पंडित वासुदेव शर्मा, संरक्षक हरिकिशन सोनी, गुलाबराय चंदानी, बाबा साहब प्रतापमल लालवाणी, गोरधनदास मेघनानी, गोविंदराम आहूजा, नत्थूमल होतवानी, उपाध्यक्ष रवि चंदानी, सचिव सुनील रामनानी, सहसचिव ओमप्रकाश आसुदानी, कोषाध्यक्ष नरेंद्र कुमार लालवानी, नन्दलाल पहुवानी, सलाहकार हरीश कुमार आहूजा, गोविन्द कुमार सुखनानी, ऑडिटर पंकज सुखनानी, महेश कुमार लालवाणी, इन्द्र कुमार बसरानी, प्रकाश सोनी, योगेश कुमार सुखनानी, सुनील लालवाणी, मुरली परमार, रमेश वरन्दानी, संदीप रामनानी, दीनदयाल मेघनानी, भारतीय सिन्धु सभा महिला इकाई अध्यक्षा उषा सुखनानी, संरक्षक कौशल्या खियानी, राखी सुखनानी, पिंकी सेवकानी, पम्मी हासवानी, महक आहूजा, पप्पी फतवानी, कविता लालवाणी, दिव्या सोनी, विधि आहूजा, ज्योति गंगवानी, भगवती सोनी, आशा सेवकानी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

