अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल का राष्ट्रप्रेरक संदेश, संस्कार व राष्ट्रप्रेम का संचार
जसोल। बालोतरा भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन एवं गौरवपूर्ण अवसर पर दिनांक 26 जनवरी 2026 को श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में मां जसोल का पावन प्रसाद (लड्डू) वितरित कर राष्ट्रीय पर्व श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया।
संस्थान द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 25 विद्यालयों में यह सेवा कार्य सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ, जिसमें कुल 6572 विद्यार्थियों को मां जसोल का पावन प्रसाद (लड्डू) वितरित किए गए। प्रातःकाल से ही विद्यालय परिसरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने, देशभक्ति गीतों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं संविधान के आदर्शों पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इन्हीं आयोजनों के क्रम में मां जसोल का प्रसाद वितरण विद्यार्थियों के लिए विशेष श्रद्धा एवं उल्लास का केंद्र बना।

प्रसाद वितरण के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सेवा भावना, सामाजिक समरसता, अनुशासन एवं सांस्कृतिक चेतना के मूल्यों का संचार किया गया। विद्यार्थियों ने अत्यंत श्रद्धा एवं आनंद के साथ मां जसोल का प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर संस्थान अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल द्वारा सभी संबंधित विद्यालयों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में एक प्रेरणादायी संदेश प्रेषित किया गया। अपने संदेश में उन्होंने गणतंत्र दिवस को भारतवर्ष के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि इसी दिन भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना तथा संविधान लागू हुआ, जिसने देश को सशक्त, समानतामूलक एवं न्यायप्रिय व्यवस्था प्रदान की।

उन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानियों एवं संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि वर्तमान भारत उनके त्याग, संघर्ष और बलिदान की अमूल्य देन है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है और उनके विचार, चरित्र तथा आचरण से ही आने वाले भारत का स्वरूप निर्धारित होगा।
संस्थान अध्यक्ष द्वारा प्रेषित संदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि यह आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक मूल्यों, अनुशासन, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के संस्कारों को सुदृढ़ करने का एक विनम्र एवं सार्थक प्रयास है। उन्होंने संविधान द्वारा प्रदत्त कर्तव्यों का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।

संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसरों पर विद्यालयों में इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना के साथ-साथ राष्ट्रीय मूल्यों को पुष्ट किया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रभक्ति की भावना और अधिक प्रबल होती है।

संस्थान की ओर से समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए मां जसोल से देश में सुख-शांति, समृद्धि, एकता एवं अखंडता की मंगलकामना की गई।

