जसोल। बालोतरा श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में माघ मास के शुक्ल पक्ष से प्रारंभ हुए गुप्त नवरात्रा महापर्व के क्रम में आज बीज (द्वितीया) को श्री राणीसा भटियाणीसा के पावन दरबार में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। अल सुबह मंगला आरती से ही दूर-दराज़ क्षेत्रों से आए श्रद्धालु पंक्तियों में खड़े होकर दर्शन करते नजर आए। दिनभर मंदिर प्रांगण जय मां जसोल, श्री राणीसा भटियाणीसा की जय इत्यादि जयघोषों, शंखध्वनि एवं घंटे-घड़ियाल की पवित्र निनाद से गुंजायमान बना रहा।
गुप्त नवरात्रा के अंतर्गत आज मंदिर परिसर में विशेष वैदिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। विद्वान आचार्यों द्वारा विधिवत दुर्गा सप्तशती पाठ, विशेष पूजन, वैदिक मंत्रोच्चार एवं महाआरती संपन्न कराई गई। इस दौरान मां भगवती के विविध स्वरूपों का आवाहन कर लोक-कल्याण, राष्ट्र-कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति हेतु सामूहिक प्रार्थनाएं की गईं। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित श्री राणीसा भटियाणीसा के चरणों में शीश नवाकर अपने जीवन में मंगल, आरोग्य एवं उन्नति की कामना की।

आज के पावन अवसर पर अन्नपूर्णा प्रसादम एवं छप्पन भोग का भव्य आयोजन किया गया। इसके लाभार्थी गौतम सिंह भाटी, सुपुत्र— मोरध्वज सिंह भाटी, निवासी— अड़बाला (जैसलमेर), हाल निवास— आदिनाथ नगर, जोधपुर, प्रतिष्ठान— आयल राज प्रॉपर्टी & कंस्ट्रक्शन तथा खम्मा घणी इवेंट्स रहे।

लाभार्थी परिवार द्वारा श्री राणीसा भटियाणीसा सहित श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी एवं श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में विधिवत भोग अर्पण कर, तत्पश्चात श्रद्धालुओं में श्रद्धा एवं धर्मभाव के साथ प्रसाद वितरण किया गया।
धार्मिक परंपराओं के अनुरूप आज मंदिर प्रांगण में कन्या पूजन का भी आयोजन अत्यंत श्रद्धा के साथ किया गया। कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम) एवं छप्पन भोग के लाभार्थी परिवार द्वारा विधिवत पूजन किया गया, उन्हें प्रसाद, फल एवं भेंट प्रदान की गई।
मां जसोल के असंख्य भक्तगणों की ओर से संस्थान द्वारा गुप्त नवरात्रा महापर्व के अंतर्गत संपूर्ण गुप्त नवरात्रा महापर्व में विशेष पूजन, मां दुर्गा पाठ, विशेष आरती एवं सम्पूर्ण शुक्ल पक्ष तक प्रतिदिन रात्रि जागरण का आयोजन किया जा रहा है।
“रात्रिकालीन जागरण में भजन-कीर्तन, देवी स्तुति एवं धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालु मां जसोल की आराधना कर रहे हैं। जसोलधाम प्राचीन काल से ही भक्ति, साधना एवं आस्था का अनुपम केंद्र रहा है। गुप्त नवरात्रा के इन पावन आयोजनों के अंतर्गत निरंतर चल रहे अनुष्ठान, पाठ, पूजन एवं जागरण से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक चेतना, श्रद्धा एवं दिव्यता से परिपूर्ण बना हुआ है।”
श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान द्वारा दर्शन व्यवस्था, पंक्ति प्रणाली, सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं प्रसाद वितरण हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वयंसेवक एवं संस्थान कर्मचारी निरंतर सेवाभाव से व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं।
“गुप्त नवरात्रा के पावन पर्व पर जसोलधाम का सम्पूर्ण वातावरण साधना, श्रद्धा एवं देवी-आराधना से परिपूर्ण है तथा श्री राणीसा भटियाणीसा के पावन दरबार में भक्तजन निरंतर भक्ति भाव से उपस्थित होकर उपासना कर रहे हैं।”

