JaisalmerNews गणतंत्र दिवस से पहले जैसलमेर में जासूसी का शक, ई-मित्र संचालक हिरासत में

BHAWANI SINGH
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जैसलमेर। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले सीमावर्ती जिला जैसलमेर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जासूसी के शक में एक युवक को हिरासत में लिया है। मामला सामने आने के बाद सुरक्षा तंत्र सतर्क हो गया है और जांच एजेंसियां इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रकरण के तौर पर देख रही हैं।

सूत्रों के अनुसार, सीआईडी-इंटेलिजेंस ने सांकड़ा थाना क्षेत्र के नेहड़ान गांव निवासी झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल को 25 जनवरी की रात डिटेन किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसके पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से संपर्क में होने के संकेत मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि युवक सोशल मीडिया के माध्यम से विदेशी हैंडलरों के संपर्क में था और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कर रहा था।

ई-मित्र संचालन के दौरान बनी संदिग्ध पहुंच

जानकारी के मुताबिक, झाबराराम पिछले करीब चार वर्षों से अपने गांव नेहड़ान में ई-मित्र केंद्र का संचालन कर रहा था। ई-मित्र संचालन के चलते उसकी पहुंच विभिन्न सरकारी योजनाओं, दस्तावेजों और डिजिटल डाटा तक थी। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इसी पहुंच का दुरुपयोग कर संवेदनशील सूचनाएं तो बाहर नहीं भेजी गईं।

सोशल मीडिया से हनीट्रैप तक की कड़ी

खुफिया सूत्रों का कहना है कि आरोपी युवक सोशल मीडिया के जरिए एक पाकिस्तानी महिला के संपर्क में आया था। इस संपर्क के दौरान उसे पैसों का लालच देकर या भावनात्मक दबाव बनाकर गोपनीय जानकारियां हासिल किए जाने की आशंका है। हालांकि, हनीट्रैप के इस एंगल की अभी तक किसी भी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

लंबे समय से मिल रहे थे इनपुट

बताया जा रहा है कि खुफिया एजेंसियों को लंबे समय से पाकिस्तान से संदिग्ध पैसों के लेन-देन को लेकर इनपुट मिल रहे थे। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर युवक पर निगरानी रखी जा रही थी। पर्याप्त आधार मिलने के बाद गणतंत्र दिवस से पहले कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त, फोरेंसिक जांच शुरू

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन और कंप्यूटर को जब्त कर लिया है। इन सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि किन-किन माध्यमों से जानकारी साझा की गई, किस प्रकार का डेटा भेजा गया और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।

जयपुर ले जाकर होगी गहन पूछताछ

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ को आगे बढ़ाने के लिए सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम आरोपी को जयपुर ले गई है। वहां उससे विस्तृत और तकनीकी जांच की जाएगी। एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों, कॉल डिटेल्स, सोशल मीडिया गतिविधियों और संपर्कों की भी गहनता से जांच कर रही हैं।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी कि यह मामला हनीट्रैप, पैसों के लालच या किसी दबाव का परिणाम था। तब तक एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही हैं।

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