Jodhpur कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल

BHAWANI SINGH
7 Min Read

मृत्यु के चार घंटे बाद इंस्टाग्राम पर सामने आया कथित सुसाइड नोट, पुलिस जांच में जुटी

जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान की चर्चित कथावाचक और सनातन धर्म प्रचार से जुड़ी साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी है। यह मामला तब और अधिक रहस्यमय हो गया, जब उन्हें डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के करीब चार घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक और गंभीर पोस्ट सामने आई, जिसे प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट के रूप में देखा जा रहा है।

साध्वी प्रेम बाईसा का बुधवार शाम करीब 5:30 बजे जोधपुर के पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था। लेकिन उसी रात करीब 9:28 बजे उनके सोशल मीडिया अकाउंट से एक लंबा संदेश पोस्ट होना कई सवालों को जन्म दे रहा है।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत: डॉक्टर

प्रेक्षा हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ. प्रवीण जैन के अनुसार, साध्वी को उनके पिता और एक युवक द्वारा कार से अस्पताल लाया गया था। वे बोरानाडा स्थित एक आश्रम से पाल रोड के अस्पताल पहुंचे थे।

डॉ. जैन ने बताया कि अस्पताल पहुंचते ही जब उनकी जांच की गई, तो शरीर में किसी भी प्रकार की हलचल नहीं पाई गई। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद यह स्पष्ट हो गया कि साध्वी की मौत अस्पताल लाने से पहले ही हो चुकी थी।

डॉक्टर के अनुसार, साध्वी के पिता ने बताया था कि उन्हें बुखार था, जिसके चलते आश्रम में ही नर्सिंग स्टाफ को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे निढाल हो गईं।

पोस्टमॉर्टम की सलाह, लेकिन एंबुलेंस लेने से इनकार

डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि उन्होंने परिजनों को शव को एमडीएम हॉस्पिटल या महात्मा गांधी हॉस्पिटल ले जाकर पोस्टमॉर्टम और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी थी।

अस्पताल की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध कराने की पेशकश भी की गई, लेकिन साध्वी के पिता ने एंबुलेंस लेने से इनकार कर दिया और शव को निजी वाहन से ले जाने की बात कही।

सोशल मीडिया पोस्ट बना रहस्य की सबसे बड़ी कड़ी

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू साध्वी प्रेम बाईसा का सोशल मीडिया अकाउंट है। अस्पताल रिकॉर्ड के मुताबिक उनकी मृत्यु शाम 5:30 बजे के आसपास हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद रात करीब 9:28 बजे उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट किया गया।

इस पोस्ट में लिखा गया

Jodhpur कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल 1001978907
सोशल मिडिया पोस्ट पर लिखा गया

> “मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है।। आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया। और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली, मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।”

इस संदेश के अंत में “इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा” जैसे शब्दों ने इसे कथित सुसाइड नोट की शक्ल दे दी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृत्यु के बाद यह पोस्ट किसने और कैसे किया?

क्या यह पोस्ट पहले से शेड्यूल थी या फिर किसी अन्य व्यक्ति ने अकाउंट का उपयोग किया?

इन सभी बिंदुओं पर पुलिस गहन जांच कर रही है।

पुलिस जांच में जुटी, कई एंगल से हो रही पड़ताल

एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच बोरानाडा थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इंजेक्शन किसने लगाया और किस दवा का उपयोग हुआ, सोशल मीडिया पोस्ट का तकनीकी स्रोत क्या है, मृत्यु स्वाभाविक थी, आत्महत्या या किसी अन्य कारण से हुई

डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया लॉग्स की भी जांच की जा रही है।

हनुमान बेनीवाल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

Jodhpur कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल 1001979215
Rlp सुप्रिमो हनुमान बेनीवाल की मांग

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान पुलिस के डीजीपी से मामले का संज्ञान लेने की अपील की।

हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि जोधपुर के एक निजी अस्पताल में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अत्यंत दुखद है और इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष व गहन जांच आवश्यक है।

श्रद्धालुओं में शोक, सच सामने आने की मांग

साध्वी प्रेम बाईसा की पहचान एक ओजस्वी कथावाचक और सनातन धर्म के प्रचारक के रूप में थी। उनकी असामयिक और रहस्यमयी मौत से उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं में शोक के साथ-साथ गहरी चिंता भी है।

अब सबकी नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इस रहस्य से पर्दा कब उठेगा और साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के पीछे की सच्चाई क्या है।

Share This Article