बाड़मेर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर विजयादशमी से शुरू हो रहे संघ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का आगाज बुधवार शाम बाड़मेर शहर में कौमुदी घोष संचलन के साथ हुआ। संचलन प्रारंभ होने से पहले संघ के विभाग प्रचारक जगदीश कुमार ने कहा कि आज से 100 वर्ष पूर्व नागपुर में पौध रूप में बोया गया संघ रूपी पौधा आज वट वृक्ष बन गया है। उन्होंने कहा कि सन् 1925 को विजयादशमी को प्रारंभ हुआ संघ आज अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। अपने 100 वर्षों की यात्रा में संघ ने यह सिद्ध किया कि संघ का कार्य किसी व्यक्ति की जय-जयकार नहीं, बल्कि सम्पूर्ण हिन्दू समाज का है, सत्य और धर्म का कार्य है। संघ का अंतिम लक्ष्य है – भारत माता की जय और राष्ट्र का परम वैभव है। उन्होंने संघ के “पंच परिवर्तन” समरसता, स्व का आग्रह, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण और नागरिक शिष्टाचार का उल्लेख करते हुए कहा कि यही समाज परिवर्तन का आगे का लक्ष्य लेकर संघ बढ़ रहा।
पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
कौमुदी घोष संचलन रात 8 बजे गढ़ माताजी मंदिर के नीचे स्थित चारभुजा मंदिर से रवाना हुआ, जो पुरानी सब्जी मंडी, हनुमानजी मंदिर, गांधी चौक, स्टेशन रोड, अहिंसा सर्किल, सेवा सदन धर्मशाला, विवेकानंद सर्किल से रॉय कॉलोनी रोड होते हुए मधुकर भवन पहुंच संपन्न हुआ। इस कौमुदी घोष संचलन में केवल घोष वादन करने वाले स्वयंसेवकों ने ही भाग लिया। संचलन का नगर में आमजन ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
बस्ती अनुसार संचलन आज से

नगर कार्यवाह देवेंद्र सैन ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष निमित्त कार्यक्रमों के तहत बाड़मेर जिले के समस्त मंडलों एवं नगरों की समस्त बस्तियों में पथ संचलन के आयोजन होंगे। इसके तहत बाड़मेर नगर में विजयादशमी के दिन गुरुवार को लीलरिया धोरा, गौशाला, ढाणी और बलदेव नगर बस्ती के पथ संचलन निकलेंगे। इसके बाद 5 अक्टूबर को कल्याणपुरा, आजाद, सरदारपुरा, इंदिरा नगर, महावीर नगर, इंदिरा कॉलोनी, राम नगर तथा गांधी नगर बस्तियों में पथ संचलन का आयोजन होगा। इसी क्रम में 7 अक्टूबर को दानजी की होदी बस्ती में पथ संचलन निकाला जाएगा। वहीं 10 अक्टूबर को शास्त्री नगर, शिव नगर और गादान बस्ती में तथा 12 अक्टूबर को रॉय नगर और नेहरू नगर बस्ती में पथ संचलन निकलेंगे।
