देशभर से श्रद्धालु पहुंचे नाकोड़ा, कल जन्मकल्याणक पर होगा भव्य वरघोड़ा
बालोतरा। समीपवर्ती विश्वविख्यात जैन तीर्थ नाकोड़ा में पौष दशमी मेले को लेकर भव्य तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। पूरा मंदिर परिसर इन दिनों रंग-बिरंगी आकर्षक रोशनियों से नहाया हुआ है। अरावली पर्वतमाला की गोद में बसे इस तीर्थ स्थल को प्रवेश द्वार से लेकर निज मंदिर तक चमकदार रोशनी से सजाया गया है, जो रात में अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। तीन दिवसीय आयोजन 13 से 15 दिसंबर तक चलेगा, जबकि मेले का मुख्य दिवस 14 दिसंबर को रहेगा।
तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव की शुरुआत
ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष रमेश मुथा एवं मेला संयोजक भरत मेहता ने बताया कि पार्श्वनाथ भगवान के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर यह वार्षिक मेला उत्साहपूर्वक आयोजित किया जा रहा है। जैन धर्म में पौष दशमी का मेला अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके चलते देशभर से लाखों श्रद्धालु नाकोड़ा तीर्थ पहुंचते हैं। महोत्सव की शुरुआत सुबह शुभ वेला में महाआरती से होगी, जिसके बाद दिनभर तप, तेला सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
भक्ति, आराधना और धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला
ट्रस्टी हुलास बाफना ने बताया कि महोत्सव के दौरान ध्वजारोहण, वरघोड़ा, पूजा-अर्चना, नवकारसी, अदुम तप की आराधना और भक्ति संगीत के कार्यक्रम आयोजित होंगे। 12 दिसंबर को तेला धारणा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। शनिवार को नाकोड़ा पार्श्व भैरव महापूजन और रात्रि में भक्ति संध्या होगी, वहीं रविवार को मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ एवं अन्य मंदिरों की वार्षिक ध्वजा, जन्मकल्याणक वरघोड़ा और महापूजन का आयोजन रखा गया है। अंतिम दिन अद्रुम तप का पारणा होगा और तपस्वियों का बहुमान किया जाएगा।

भजन संध्या में गूंजेगा भक्ति का स्वर
महोत्सव के दौरान भक्ति संध्या में कई प्रसिद्ध भजन गायक अपनी प्रस्तुंतियां देंगे। जिनमें किशोरलाल सेवक, लवेश हिमांशु बुरड़, श्रेयांस सिंघवी, जागृति वडेरा, वैभव बाघमार, अनिल सालेचा, अरिहंत कांकरिया, सेजल डोसी और पायल राणावत सहित अनेक कलाकार शामिल रहेंगे। उनके भजनों से वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।
ट्रस्ट ने संभाली व्यवस्थाओं की कमान
इस बार सम्पूर्ण मेले के लाभार्थी परिवार में संघवी पानीदेवी मोहनलालजी मुथा सोनवाड़िया, ट्रस्ट अध्यक्ष रमेश मुथा, मोहन मुथा एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, मांडवला-चेन्नई शामिल हैं। आयोजन की तैयारियों में ट्रस्ट कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार चौपड़ा, हुलास बाफना, गणपतलाल बुरड़, जतनराज कोठारी, पुरुषोत्तमदास सेठिया, प्रकाशचंद वडेरा, भरतकुमार मेहता सहित ट्रस्ट सदस्य, मंदिर स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारी जुटे हुए हैं।
गुरुभगवंतों की पावन निश्रा
पौष दशमी मेले में अनेक आचार्य व मुनि भगवंत अपनी पावन निश्रा प्रदान करेंगे। इनमें अध्यात्मयोगी आचार्यदेव श्रीमद्विजय कलापूर्णसूरीश्वरजी महाराजा के शिष्य आचार्य विमलप्रभसूरि म.सा. एवं मुनि विनयविजयजी म.सा. (ठाणा 5), प.पू. आ.म. श्री सिद्धिसूरीश्वरजी म.सा. समुदाय के मुनिराज जम्बूविजयजी म.सा., सहजानंदी प्रभुतुल्स आ. भ. पुंडरीकरत्नसूरीश्वरजी म.सा. के गुरुभ्राता पंन्यास धर्मघोषविजयजी म.सा. (ठाणा 6) शामिल हैं। इसके साथ ही बहुश्रुत आ. आनंदसागर सूरीश्वरजी समुदायवर्ती वर्धमान तपोनिधि नयचन्द्रसागरसूरिजी म.सा., मुनि सुमतिचन्द्रसागरजी म.सा., मुनि शीतलचन्द्रसागरजी म.सा. (ठाणा 2) तथा खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य गणिवर्य मेहुलप्रभसागरजी म.सा., मुनि मंधनप्रभसागरजी म.सा. और बालमुनि मीतप्रभसागरजी म.सा. भी उपस्थित रहेंगे।
लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ रही भीड़
देशभर के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का लगातार आगमन जारी है। श्रद्धालु मूलनायक भगवान पार्श्वनाथ एवं अधिष्ठायक भैरवदेव के दर्शन कर वर्षभर की खुशहाली की कामना करेंगे। मंदिर परिसर में की गई आकर्षक रोशनी और भव्य साज-सज्जा तीर्थ की पवित्रता और सौंदर्य में चार चांद लगा रही है।

