देव दीपावली से पूर्व जसोलधाम की ओर से जसोल नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छता एवं सेवा का भव्य अभियान प्रारंभ
जसोल (बालोतरा)।कार्तिक शुक्ल पक्ष त्रयोदशी का पावन दिवस जसोलधाम की पावन धरा पर भक्ति, आस्था और मातृशक्ति के दिव्य संगम के रूप में अविस्मरणीय बन गया। प्रातःकालीन मंगला आरती से लेकर पूरे दिवस श्री राणीसा भटियाणीसा के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। मंदिर परिसर “जय मां जसोल” के गगनभेदी उद्घोषों से गूंजता रहा और हर ओर भक्ति, अनुशासन, सौहार्द और सेवा का दिव्य वातावरण व्याप्त रहा।
दूर-दराज़ गांवों, नगरों और अन्य राज्यों से आए हजारों श्रद्धालु भक्ति-भाव से सराबोर होकर जसोलधाम पहुंचे। श्रद्धालु परिवारों ने मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही श्री राणीसा भटियाणीसा के चरणों में नतमस्तक होकर कृतज्ञता, समर्पण और आस्था का भाव व्यक्त किया।
वृद्ध हों या बालक, स्त्रियाँ हों या पुरुष — सभी के चेहरों पर मां के दर्शन की अद्भुत शांति और संतोष झलक रहा था। पूरे जसोल नगर का वातावरण दिव्यता से आलोकित था। श्री राणीसा भटियाणीसा सहित श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी, श्री काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में पूरे दिवस दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तजन ने आराधना, भजन और ध्यान के माध्यम से श्री राणीसा भटियाणीसा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। मां जसोल की कृपा से जसोलधाम पुरा दिन भक्ति, सौंदर्य और अनुशासन का जीवंत प्रतीक बना रहा।
पूरे आयोजन की व्यवस्थाएं इतनी सुचारू और मर्यादित रहीं कि भक्तजन बिना किसी कठिनाई के दर्शन कर सके। संस्थान के सेवाभावी कार्यकर्ताओं और प्रबंधन समिति के सतत परिश्रम से जसोलधाम का यह त्रयोदशी पर्व भक्ति और व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया जहाँ हर क्षण मातृकृपा का साक्षात् अनुभव हुआ।

रात्रि जागरण में गूंजे भक्ति के स्वर
त्रयोदशी से पूर्व की रात्रि को जसोलधाम परिसर में भव्य रात्रि जागरण का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जसोल नगर पालिका के स्थानीय भजनियों ने सुमधुर वाणी में श्री राणीसा भटियाणीसा की महिमा का अमृतगान किया। भक्तजन देर रात्रि तक भक्ति में डूबे रहे, झूमते रहे और मां के नाम का स्मरण करते रहे। पूरा वातावरण भक्ति रस, श्रद्धा और संगीत के आलोक से अनुप्राणित हो उठा। मां के दरबार में दीपों की ज्योति और भजनों की गूंज ने रात्रि को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव में परिवर्तित कर दिया।
सर्व समाज छत्तीशी कौम की कन्याओं का विधिवत पूजन
त्रयोदशी के पावन अवसर पर मंदिर संस्थान द्वारा सर्व समाज छत्तीशी कौम की कन्याओं का विधिवत पूजन किया गया। पूजन पूर्ण विधि-विधान से सम्पन्न हुआ, जिसमें कन्याओं को फल प्रसादम, अन्न प्रसादम करवाकर दक्षिणा भेंट की गई। इस कार्यक्रम ने समाज में मातृशक्ति के प्रति सम्मान, एकता और संस्कारों के संरक्षण का सुंदर संदेश दिया। संस्थान द्वारा यह परंपरा धार्मिक अनुष्ठान के साथ – साथ संस्कृति और नारी श्रद्धा का जीवंत प्रतीक है।
भक्तों की सुविधा हेतु संस्थान की व्यापक और उत्कृष्ट व्यवस्थाएं
भक्तों की सुविधार्थ श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा विस्तृत, सुसंगठित और अनुकरणीय व्यवस्थाएं की गईं। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन हेतु संस्थान सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति की गई, जिनका मार्गदर्शन संस्थान प्रशासन ने किया। मंदिर परिसर में पेयजल की निरंतर आपूर्ति, छाया शेड, वाहन पार्किंग की संपूर्ण व्यवस्था की गई। विशेष रूप से वृद्ध भक्तों एवं महिलाओं के लिए सहायता कर्मियों की नियुक्ति की गई, जिन्होंने सेवा भावना से अपना दायित्व निभाया।
पूरे परिसर और आसपास के मार्गों की स्वच्छता, व्यवस्था और सजावट अद्वितीय रही। संस्थान के सेवाभावी कार्यकर्ताओं की निरंतर उपस्थिति से भक्तों को दर्शन में कोई कठिनाई की अनुभूति नहीं हुई। भक्तजन संस्थान द्वारा की गई इन व्यवस्थाओं की प्रशंसा एवं कृतज्ञता के भाव से अभिभूत दिखाई दिए।

यह पर्व केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और व्यवस्थागत उत्कृष्टता का आदर्श उदाहरण बन गया।
संध्याकालीन आरती का भव्य लाइव प्रसारण
संस्थान द्वारा भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए संध्याकालीन आरती का लाइव प्रसारण (Live Telecast) किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य देश-विदेश में बसे मां जसोल के असंख्य भक्तों तक श्री राणीसा भटियाणीसा की आरती का दिव्य अनुभव पहुंचाना है। संस्थान द्वारा अत्याधुनिक कैमरों, ध्वनि प्रणाली और तकनीकी प्रसारण सुविधा की स्थापना की गई है। जिससे भक्तजनों ने अपने घरों से ही मां के आरती दर्शन कर आध्यात्मिक संतोष और पुण्य लाभ प्राप्त किया। यह कदम डिजिटल माध्यम से भक्ति को जन-जन तक पहुँचाने की संस्थान की सतत परंपरा को आगे बढ़ाता है।
देव दीपावली पर स्वच्छता और सेवा का पावन अभियान

देव दीपावली के इस पावन पर्व पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल द्वारा नगर की हर गली और हर मोहल्ले में विशाल स्वच्छता अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान का शुभारंभ 02 नवम्बर 2025 को किया गया, जो देव दीपावली तक निरंतर जारी रहेगा। संस्थान के कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवी संगठन एकजुट होकर नगर को स्वच्छ, पवित्र और आलोकमय बनाने में जुटे हैं।
यह अभियान केवल सफाई का नहीं, बल्कि शुद्धता, सेवा और देवी कृपा के स्वागत का प्रतीकात्मक उत्सव है। संस्थान का उद्देश्य है कि जसोल नगर आस्था, स्वच्छता और सामाजिक अनुशासन का आदर्श केंद्र बने।
स्वच्छ, पावन और आलोकमय जसोल बनाने को लेकर अथक प्रयास संस्थान परिवार एवं नगर वासियों ने यह संकल्प लिया है कि हम सब मिलकर अपने जसोल नगर को स्वच्छ, पावन और देवी कृपा से आलोकित बनाएंगे। माता लक्ष्मीजी की अनुकंपा से जसोल नगर पालिका का चहुमुखी विकास हो और यह नगर भक्ति, संस्कृति, सेवा और अनुशासन का प्रेरणास्रोत बने।

