मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की पुण्यतिथि पर टीम खिदमत ए खल्क ने दी खिराज-ए-अकीदत

Manohar khan
4 Min Read

बाड़मेर।। महान स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान चिंतक और देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर स्थानीय जामा मस्जिद के सम्मुख बगीचा मैदान में टीम खिदमत ए खल्क द्वारा उन्हें याद कर भावपूर्ण खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नागौर बासनी के अल्लामा खुर्शीद अहमद अजहरी ने मौलाना आज़ाद के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, शिक्षा के क्षेत्र में उनके दूरदर्शी विचारों और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को स्मरण किया। इस दौरान अल्पसंख्यक संघ राजस्थान शाखा बाड़मेर के जिलाध्यक्ष रफीक मोहम्मद कोतवाल कोटवाल व हाफिज मौलाना सुल्तान मदनी ने कहा कि मौलाना आज़ाद ने महज 35 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और देश की आज़ादी के लिए कई बार जेल यात्राएं कीं। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे युवा अध्यक्षों में से एक रहे और हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रबल समर्थक थे। मौलाना मीर मोहम्मद अकबरी व टीम खिदमत ए खल्क के संरक्षक हारून भाई कोटवाल ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में मौलाना आज़ाद ने शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव रखी। उनके प्रयासों से देश में उच्च शिक्षा के विकास को नई दिशा मिली। उन्होंने तकनीकी और वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया तथा विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना था कि शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम है।

टीम खिदमत ए खल्क की सचिव बेनजीर खान व उपाध्यक्ष टीपू सुल्तान ने बताया कि मौलाना आज़ाद का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। आज के समय में उनके विचारों और आदर्शों को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि समाज में भाईचारा, सद्भाव और शिक्षा का प्रसार हो सके।। इस अवसर पर जामा मस्जिद के पेश इमाम हाजी लाल मोहम्मद सिद्दीकी व मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के सचिव अबरार मोहम्मद ने कहा कि मौलाना अबुल कलाम आजाद बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी रहे है। स्वतंत्रता संघर्ष के नाजुक दौर में जब मुस्लिम लीग के नेता मुहम्मद अली जिन्ना अपना द्विराष्ट्र सिद्धांत लेकर आगे बढ़े और मुसलमानों के लिए अलग पाकिस्तान की मांग करने लगे, तो उन्होंने दृढ़ता से उनका विरोध किया। वैसी दृढ़ता अन्य किसी कांग्रेस नेता, अल्प संख्यक समुदाय या बहू संख्यक में देखने को नहीं मिली। 

कार्यक्रम के अंत में टीम खिदमत ए खल्क द्वारा देश की एकता, अखंडता और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई तथा संकल्प लिया गया कि मौलाना आज़ाद के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जाएगा।।

इस अवसर पर निवर्तमान पार्षद हाजी दीन मोहम्मद, मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के नायब सदर मुख्तियार भाई, हाजी मुश्ताक कोटवाल, सईद नागौरी, महबूब कुरैशी, जमील लोहार, इमरान खान कोटवाल, मुजम्मिल खान, फारुख कुरैशी, तौफीक शाह, अजहरुद्दीन कुरैशी, मोहम्मद रिजवान सिद्दीकी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।।

TAGGED:
Share This Article
मेरे बारे में प्रिंट और डिजिटल में काम करने का अनुभव। वर्तमान में Daily News Track डिजिटल के साथ राजस्थान के जैसलमेर.....