आज से शुरू होगा सात दिवसीय लोक विरासत होली फाग महोत्सव, राजस्थान की लोक कलाओं का दिखेगा अनोखा संगम

Narpat Mali
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फाइल फोटो

बालोतरा। होली पर्व के अवसर पर शहर में लोक संस्कृति और पारंपरिक कला की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। डेजर्ट ट्रेडिशनल आर्ट एण्ड यूथ सेंटर तथा माली सैनी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला सात दिवसीय लोक विरासत होली फाग महोत्सव गुरुवार शाम 7 बजे हनुवंत कालानी वार्ड नंबर 36 में विधिवत रूप से शुरू होगा। इस महोत्सव के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं, लोक नृत्यों और सांस्कृतिक विरासत को आमजन के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्थान के सचिव नरपत कच्छवाह ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी होली के पावन अवसर पर इस सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सात दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रदेश की विभिन्न लोक कलाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में पारंपरिक आंगी-बांगी गैर, डांडिया गैर, छतरी गैर, चरी नृत्य सहित कई प्रसिद्ध लोक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जो राजस्थान की लोक संस्कृति की पहचान माने जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना है। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोक कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। रंग-बिरंगे परिधानों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोक गीतों की धुन पर होने वाले इन नृत्यों से पूरे क्षेत्र में होली के उल्लास का माहौल बनेगा।

महोत्सव की तैयारियों को लेकर संस्थान के अध्यक्ष डूंगर चंद पवार के नेतृत्व में कार्यकर्ता पिछले कई दिनों से जोर-शोर से जुटे हुए हैं। आयोजन स्थल की सजावट, मंच व्यवस्था, कलाकारों की तैयारियां और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि कार्यक्रम में आने वाले लोगों को बेहतर सांस्कृतिक अनुभव मिल सके।

आयोजकों के अनुसार, यह महोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि राजस्थान की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का एक प्रयास भी है। हर वर्ष बड़ी संख्या में शहरवासी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस कार्यक्रम में भाग लेते हैं और लोक संस्कृति की रंगत का आनंद उठाते हैं।

आयोजन समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने और लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। होली के रंगों के बीच होने वाला यह लोक विरासत महोत्सव बालोतरा में सांस्कृतिक उत्सव का विशेष आकर्षण बनने जा रहा है।

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