बाड़मेर-जैसलमेर ,बालोतरा। लोकसभा क्षेत्र में सऊदी अरब में काम के लिए गया बालोतरा का 19 वर्षीय युवक रमेश कुमार मेघवाल संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया। परिजनों को 17 नवंबर को मिली इस सूचना ने पूरे गांव को शोक और आशंका के माहौल में डाल दिया है। इधर, परिवार की असहाय स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल तुरंत सक्रिय हुए और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मामले में त्वरित हस्तक्षेप का आग्रह किया।
13 नवंबर को हुआ था अंतिम संपर्क, उसके बाद मोबाइल हुआ बंद
रमेश कुमार मेघवाल, पुत्र खम्माराम मेघवाल, मेघवालों की ढाणी सोहड़ा (तहसील गिड़ा) निवासी था। वह कुछ समय पहले ही बेहतर रोजगार की तलाश में सऊदी अरब गया था। परिवार ने बताया कि रमेश से उनकी अंतिम बातचीत 13 नवंबर को हुई थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन अचानक स्विच ऑफ हो गया। लगातार प्रयास के बाद भी कोई संपर्क नहीं हो पाया। चार दिन बाद 17 नवंबर को उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली, जिसने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
मौत पर उठ रहे सवाल, परिजनों ने जताई गहरी शंका
मृत्यु का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। न तो मृत्यु की कोई आधिकारिक रिपोर्ट परिजनों को मिली है और न ही घटनास्थल से जुड़े विस्तृत विवरण। परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि परिस्थितियाँ संदिग्ध लग रही हैं और वास्तविकता सामने लाने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार विदेश जाकर कानूनी या प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने में पूरी तरह असमर्थ है।
शव लाने में लागत सबसे बड़ी चुनौती, परिवार पूरी तरह असहाय
विदेश में किसी भी भारतीय नागरिक की मौत होने पर शव को स्वदेश लाने की प्रक्रिया काफी महंगी और जटिल होती है। रमेश का परिवार इसकी लागत वहन करने की स्थिति में नहीं है। स्थानीय लोगों ने भी बताया कि परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा था और रमेश के विदेश जाने की उम्मीद इसी सोच के साथ थी कि घर की स्थिति सुधरेगी। अब उसकी मौत से परिवार भावनात्मक रूप से टूट चुका है और आर्थिक रूप से और भी असहाय हो गया है।
सांसद बेनीवाल ने तुरंत उठाया मामला, विदेश मंत्रालय को लिखा पत्र

मंत्रालय को लिखा पत्र
घटना की जानकारी मिलने के बाद सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को विस्तृत पत्र भेजकर भारतीय दूतावास रियाद के माध्यम से शव को भारत लाने की व्यवस्था भारत सरकार के खर्च पर करने का अनुरोध किया। सांसद ने इस मामले की गंभीरता बताते हुए मंत्री के कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर भी चर्चा की।
यूएई और सऊदी अरब दूतावासों को भी भेजी प्रतिलिपि
बेनीवाल ने केवल विदेश मंत्रालय को ही पत्र नहीं भेजा, बल्कि भारतीय दूतावास रियाद और यूएई दूतावास, नई दिल्ली को भी प्रतिलिपि भेजी है ताकि सभी संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बनाकर इस मानवीय संकट पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
“विदेश में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी” – बेनीवाल
सांसद ने कहा कि देश के लाखों युवा रोजगार की तलाश में खाड़ी देशों में काम करते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को त्वरित मदद मिलना बेहद आवश्यक है, क्योंकि अधिकांश लोग आर्थिक तंगी के कारण विदेश में कानूनी प्रक्रिया का सामना करने या शव वापस लाने जैसे खर्च उठाने में असमर्थ होते हैं।
गांव में शोक का माहौल, न्याय और सहायता की उम्मीद
सोहड़ा की मेघवालों की ढाणी में रमेश की मौत के बाद मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच, सही कारणों का खुलासा और परिवार को आर्थिक मदद की मांग की है। सभी की उम्मीदें अब विदेश मंत्रालय की कार्रवाई पर टिकी हैं।

