एनएचएम संविदा कार्मिकों के सब्र का इम्तिहान, नियमितिकरण को लेकर सरकार से त्वरित निर्णय की मांग, सौंपा ज्ञापन

Narpat Mali
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नियमितिकरण को लेकर सरकार से त्वरित निर्णय की मांग, सौंपा ज्ञापन

बालोतरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत वर्षों से सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों के नियमितिकरण को लेकर एक बार फिर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया है। ऑल राजस्थान एन.एच.एम. प्रबंधकीय महासंघ, जयपुर (इकाई बालोतरा) की ओर से मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम जिला कलेक्टर बालोतरा को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में बताया गया कि एनएचएम के तहत 4518 पदों के सृजन की स्वीकृति राज्य सरकार द्वारा पूर्व में दी जा चुकी है तथा राजस्थान कॉन्ट्रेचुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स- 2022 के अंतर्गत पात्र कार्मिकों के नियमितिकरण हेतु चिकित्सा विभाग द्वारा आवश्यक प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है। इसके बावजूद आज तक कार्मिकों को नियमितिकरण का कोई ठोस लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे उनमें गहरी निराशा और असंतोष व्याप्त है।

महासंघ ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि सीएसआर नियमों में शामिल होने के बाद तीन वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। इस दौरान कई कार्मिकों की असामयिक मृत्यु हो गई, लेकिन नियमितिकरण व सामाजिक सुरक्षा के अभाव में उनके परिवारों को किसी प्रकार का परिलाभ नहीं मिल सका। लंबे समय से अनिश्चित भविष्य में कार्य कर रहे कार्मिक स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

ज्ञापन में दो प्रमुख मांगें स्पष्ट रूप से रखी गई हैं। जिसमें एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत सभी पात्र कार्मिकों का शीघ्र नियमितिकरण किया जाए। कार्मिकों एवं उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने हेतु आरजीएचएस योजना का लाभ तुरंत लागू किया जाए।

महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी पांच दिवस में राज्य सरकार द्वारा इस विषय में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तथा संगठन से सक्षम स्तर पर सार्थक संवाद स्थापित नहीं किया गया, तो मजबूरन राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

महासंघ पदाधिकारियों का कहना है कि एनएचएम कार्मिकों ने अपने जीवन के 18 से 20 वर्ष जनसेवा में समर्पित किए हैं। वे किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि केवल अपने संवैधानिक अधिकार और सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

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