भक्ति और आस्था का दिव्य आलोक हजारों दीपों से प्रकाशित हुआ जसोलधाम , देव दीपावली पर्व हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ संपन्न

Narpat Mali
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देव दीपावली पर्व हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ संपन्न

जसोल, बालोतरा। पावन कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में देव दीपावली पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। देवताओं के पृथ्वी आगमन दिवस के रूप में प्रसिद्ध यह पर्व जसोलधाम की दिव्य परंपराओं और भक्ति भाव के संगम का साक्षी बना।

इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर एवं प्रांगण हजारों दीपों की जगमगाहट से आलोकित हो उठे। हर दीपक में भक्तों की आस्था और मातृशक्ति श्री राणीसा भटियाणीसा के प्रति निष्ठा झलक रही थी। सायं कालीन आरती के उपरांत भव्य दीपोत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें मंदिर परिसर को पुष्प, दीपक और रांगोली से अलंकृत किया गया। रात्रि में आकाश को आलोकित करती भव्य आतिशबाजी ने वातावरण को भक्तिमय और आनंदमय बना दिया।

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हजारों दीपों से जगमगाया जसोल धाम

संस्थान समिति सदस्य एवं प्रवक्ता कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने इस शुभ अवसर पर श्री राणीसा भटियाणीसा के चरणों में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने माँ जसोल के असंख्य भक्तों की सम्पूर्ण मनोकामना पूर्ति, जनकल्याण और विश्व शांति के लिए संकल्प लिया। यह विशेष पूजा-अर्चना विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अत्यंत विधिपूर्वक सम्पन्न करवाई गई।

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पुजा अर्चना

देव दीपावली पर्व पर भगवान विष्णु, माँ लक्ष्मी, भगवान शिव, माँ पार्वती, श्री कार्तिकेय, श्री गणेश, श्री इन्द्रदेव, गंगा देवी एवं चतुर्दश लोकपाल देवताओं की विशेष आराधना की गई। ऐसा माना जाता है कि इस दिन देवता स्वर्गलोक से पृथ्वी पर अवतरित होकर पवित्र नदियों एवं तीर्थस्थलों में स्नान करते हैं। उसी भावना से जसोलधाम में भी भक्तों ने दीप प्रज्वलित कर देवताओं का स्वागत किया।

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भक्तों ने लिया दर्शन लाभ

पूरे मंदिर परिसर में शंखध्वनि, घंटानाद और भक्ति गीतों की मधुर लहरों ने ऐसा आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया कि प्रत्येक भक्त का मन भावविभोर हो उठा। श्रद्धालुजन दूर-दूर से पधारकर श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते रहे।

इस अवसर पर संस्थान के सेवकगण, पंडितवर्ग, श्रद्धालु एवं स्थानीय ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में ” श्री राणीसा भटियाणीसा की जय” के उद्घोष से सम्पूर्ण वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया।

देव दीपावली पर्व जसोलधाम की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक समृद्धि का अनुपम प्रतीक है, जो यह संदेश देता है कि जब दीप प्रज्वलित होता है, तो अंधकार स्वतः मिट जाता है — और यही प्रकाश जीवन में भक्ति, प्रेम और शांति का संदेश फैलाता है।

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